रंग लाई कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की लड़ाई, नवाजा जाएगा राष्ट्रीय पुरस्कार से

रंग लाई कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की लड़ाई, नवाजा जाएगा राष्ट्रीय पुरस्कार से

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  • Publish Date - August 22, 2019 / 12:31 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:59 PM IST

रायपुर: कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की जंग आखिरकार रंग लाई। छत्तीसगढ़ सरकार को पोषण अभियान में श्रेष्ठ कार्य किए जाने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 23 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। पोषण अभियान की दो विभिन्न श्रेणियों में छत्तीसगढ़ राज्य ने पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पोषण अभियान के ग्रुप-ए के तहत समेकित बाल विकास सेवा में प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए और आंगनबाड़ी केन्द्रों में सतत् सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास,अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि संबंधित दो श्रेणियों में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

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इसके अलावा भारत सरकार द्वारा श्रेष्ठ जिला के रूप में दुर्ग जिले का, श्रेष्ठ विकासखंड के रूप में करतला (कोरबा) तथा श्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम के दल के रूप में जिला सरगुजा (बतौली) एवं जिला दुर्ग (पाटन) का चयन किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम दल को भारत सरकार द्वारा प्रति दल, 2.5 लाख ​रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी।

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गौरतलब है कि पोषण अभियान में प्रमुख 06 घटक है जिनमें पहला घटक इन्सेन्टिव अवार्ड (प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार) है। इस घटक में समय सीमा में उल्लेखनीय प्रर्दशन करने वाले राज्य, जिला, विकासखंड और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

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राज्य स्तर पर बेहतर प्रर्दशन करने के लिए छत्तीसगढ़ का चयन 02 श्रेणियों में किया गया है। पहली श्रेणी आईसीडीएस-कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। इसके तहत राज्य के सात जिलों रायपुर, दुर्ग, महासमुन्द, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में आईसीटी-आरटीएम सिस्टम लागू है इसके माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीधे मोबाईल से डेटा भारत सरकार के सर्वर पर भेजती हैं और सीधे ऑनलाइन डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है। सभी सात जिलों में लगभग 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से 01 वर्ष डाटा प्रेषित किया तथा इन आंगनवाड़ी केन्द्रो में 10 प्रकार की पंजियों का उपयोग बंद हो गया है। इस प्रकार डिजिटाईजेशन की ओर यह अभिनव पहल है। राज्य को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ती पत्र एवं 50 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। ग्रुप-ए में राज्य को द्वितीय श्रेणी का यह पुरस्कार प्राप्त होगा। दूसरी श्रेणी सतत् सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास,अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि है। राज्य के सभी 27 जिलों में समय आधारित लक्षित कार्य के लिए राज्य को ग्रुप-ए में द्वितीय श्रेणी से पुरस्कृत किया जा रहा है। राज्य को प्रशस्ती पत्र एवं 50 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप भारत सरकार द्वारा दी जाएगी।

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