40 के फार्मूले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में विवाद, रोके गए 200 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के नाम

40 के फार्मूले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में विवाद, रोके गए 200 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के नाम

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  • Publish Date - November 18, 2019 / 12:40 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:20 PM IST

भोपाल: सत्ता जाने के बाद से भाजपा प्रबंधन में लगातार फूटव्वल की बात सामने आते रही है। इसी बीच एक बार फिर मंडल अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं। बताया जा रहा है कि 200 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों का नाम प्रबंधन ने रोक दिया है, जिसके चलते विवाद की स्थिति बन गई है। उम्र के क्राइटेरिया के चलते मंडल अध्यक्षों का नाम रोका गया है। 40 के फार्मूले के चलते अध्यक्षों का नाम रोका गया है।

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मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने मंडल अध्यक्षों के लिए भाजपा आलाकमान ने उम्र का निर्धारण कर दिया है। अस नियम को लेकर अब विवाद की स्थिति बन गई है। दरअसल प्रबंधन के निर्देशानुसार 35-40 वर्ष की आयु के कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष बनाया जाना है। इस संबंध में मध्यप्रदेश के पार्टी नेताओं ने शिवरात सिंह चौहान और राकेश सिंह जैसे नेताओं का हवाला देते हुए कहा है कि वे भी जब मंडल अध्यक्ष चुने गए थे तब उनकी उम्र भी 34 से 40 के बीच ही थी। लेकिन अब पेंच ऐसे कार्यकर्ताओं के बीच फंस गया है जो लंबे से भाजपा का झंडा उठाते आए हैं।

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मंडल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर मचे बवाले के बाद पार्टी के नेताओं ने बैठक कर यह निर्णय लिया है कि अगर मंडल अध्यक्ष के लिए 40 साल तक की उम्र का कोई चेहरा नहीं मिलता तो फिर उन कार्यकर्ताओं को मौका दिया जा सकता है, जो उम्र पार कर चुके हैं।

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