पूरी करनी थी किसी की अधूरी ख्वाहिश…अमेरिका में रहने वाला युवक ‘बैलगाड़ी’ में बारात लेकर पहुंचा दुल्हन के द्वार, जानिए

पूरी करनी थी किसी की अधूरी ख्वाहिश...अमेरिका में रहने वाला युवक 'बैलगाड़ी' में बारात लेकर पहुंचा दुल्हन के द्वार, जानिए

पूरी करनी थी किसी की अधूरी ख्वाहिश…अमेरिका में रहने वाला युवक ‘बैलगाड़ी’ में बारात लेकर पहुंचा दुल्हन के द्वार, जानिए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:58 pm IST
Published Date: December 10, 2020 6:08 pm IST

राजनांदगांवः हम सबकी कुछ न कुछ इच्छाएं होती है। कुछ ख्वाहिशें होती है, कुछ सपने होते हैं। कुछ अरमान होते हैं, लेकिन जरुरी नहीं कि ये सारे पूरे हो ही जाएं। अपनी शादी और बारात को लेकर एक सपना राजनांदगांव जिले के कोबरा बटालियन के एक जवान ने भी देखा था। लेकिन देह में हल्दी लगती, सिर पर सेहरा सजता, इससे पहले ही वो तिरंगे में लिपटकर विदा हो गया। क्या था उस शहीद का अरमान और कैसे पूरी हुई एक अधूरी ख्वाहिश। आइए जानते हैं। 

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फिसल रही हैं सारी खुशियां पलकों से भीगकर… हर ख्वाहिश बिखर रही है मेरी एक-एक कर…। कुछ ऐसे ही सच होते हैं सपने, लेकिन इन सपनों को सच होता देखने के लिए सपने देखने वाला ही इस दुनिया में नहीं रहा। दरअसल, ये तस्वीरें राजनांदगांव जिले के जंगलपुर की है। जहां 11 बैल गाड़ियों में बारात एक अधूरे अरमान को पूरा करने के लिए निकली। 

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दरअसल, जंगलपुर में रहने वाला कोबरा बटालियन 204 का जवान पूर्णानंद इसी साल फरवरी महीने में नक्सलियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हो गया था। उसकी ख्वाहिश थी कि वो अपनी शादी में बैलगाड़ी से बारात लेकर जाए। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अब 11 महीने बाद जब पूर्णानंद की बहन ओनिशा की शादी तय हुई, तो उसके होने वाले पति शैलेंद्र को इस बात का पता चला। फिर उसने पूर्णानंद की अधूरी ख्वाहिश पूरी करने बैलगाड़ी पर ही बारात ले जाने का फैसला किया। जबकि शैलेंद्र अमेरिका में एक कंपनी में काम करता है। बैलगाड़ी की ये बारात सैकड़ों कारों के काफिले और हाथी-घोड़ों की बग्गी पर भारी थी। 

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सजी हुई ग्यारह बैलगाड़ियों में जब बारात निकली और दुल्हन के द्वार पहुंची, तो एक अधूरा सपना पूरा होने की खुशी थी और इस वक्त शहीद पूर्णानंद के साथ न होने की कसक भी। ऊपर कहीं से ये सब देखकर शहीद भी यही सोचता होगा, मेरी ख्वाहिश के मुताबिक तेरी दुनिया कम है और कुछ यूं है कि खुदा हद से ज्यादा कम है।

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लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"