इस थाने में पोस्टिंग मतलब लाइन अटैच या सस्पेंड! चार्ज लेने को तैयार नहीं कोई TI?

इस थाने में पोस्टिंग मतलब लाइन अटैच या सस्पेंड! चार्ज लेने को तैयार नहीं कोई TI?

इस थाने में पोस्टिंग मतलब लाइन अटैच या सस्पेंड! चार्ज लेने को तैयार नहीं कोई TI?
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: February 24, 2021 10:15 am IST

भोपाल: कोलार थाना क्षेत्र में जिस युवती के साथ दिल्ली की निर्भया जैसी बर्बरता वाली घटना हुई, उस घटना की प्राथमिक जांच के बाद प्राथमिक लापरवाही मानते हुए टीआई सुधीर अरजरिया और महिला सब इंस्पेक्टर स्वेता शर्मा को लाईन अटैच कर दिया गया है। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद कोलार थाना पुलिसकर्मियों के बीच एक अफवाह चल पड़ा है। पुलिसकर्मी ऑफिसियल कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन थाने में टीआई की केबिन में चस्पा टीआई की लिस्ट हर पुलिसकर्मी की जुबां पर है।

Read More: मई के बाद हो सकते हैं नगरीय निकाय चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग ने दिए संकेत, इधर कांग्रेस ने कहा- युवाओं को मिलेगा मौका

दरअसल, पुलिसकर्मियों के मुताबिक कोलार थाने में पोस्टिंग के दौरान आए कुछ टीआई के कार्यकाल पर नजर डालें, तो कुछेक टीआई इसी तरह महिला संबंधी अपराध के बाद या तो लाईन-अटैच हुए हैं या फिर निलंबित होकर गए हैं और कुछ टीआई पांच-छह महीने बाद ही रुख्सत हो गए। यह सिलसिला पिछले पांच-छह साल से जारी है। इन पांच-छह साल में कोई भी टीआई एक साल से अधिक थाना प्रभारी नहीं रह पाया। अब आलम यह है कि कोलार थाने में जाने से टीआई डर रहे हैं।

Read More: 7th pay commission: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लग गई लॉटरी, बढ़कर इतना मिलेगा महंगाई भत्‍ता, जानिए अभी..

 


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"