2027 तक 116 शहरों में 10,000 एसी ई-बस उपलब्ध करायी जाएंगी
2027 तक 116 शहरों में 10,000 एसी ई-बस उपलब्ध करायी जाएंगी
नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 2027 तक 26 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 116 शहरों में 10,000 वातानुकूलित ई-बस उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद 35,000 और बसें प्रदान करने के लिए नई योजना शुरू की जाएगी।
आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 अगस्त 2023 को छोटे और मझोले शहरों में परिवहन सुविधा प्रदान करने और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजना की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि राज्यों के पास ई-बस के लिए पर्याप्त वित्त नहीं था, इसलिए तीन लाख से 40 लाख की आबादी वाले शहरों के लिए कुल 10,000 बसों का लक्ष्य निर्धारित किया गया। ‘‘राज्यों को अपनी मांगें देने को कहा गया और चयन मानदंड के आधार पर तथा समन्वय समितियों की सिफारिश पर बसें स्वीकृत की गईं।’’
मंत्री ने कहा, “178 पात्र शहरों में से 116 शहरों ने भाग लिया और उन्हें बसें आवंटित की गईं। बिहार में केवल चार शहर योजना के अंतर्गत योग्य पाए गए, जहां 400 बसें स्वीकृत हुईं। पटना को 150 बसें, जबकि भागलपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया को 50-50 बसें आवंटित की गईं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में समन्वय समितियों के गठन न होने के कारण योजना में देरी हो रही है।
मनोरलाल ने बताया कि अगले चरण में 35,000 और बसें दी जाएंगी और शहरों को इसके लिए आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से लोगों का समय और पैसा बचेगा और पर्यावरण में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले महीने 225 बसें वितरित की गईं, 6,500 बसों के लिए टेंडर चुने गए और समझौते किए गए हैं। पहले चरण की 10,000 बसों की योजना 2027 तक पूरी होगी, इसके बाद नई योजना शुरू होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सहज टिकट और राष्ट्रीय सामान्य मोबिलिटी कार्ड पेश किया जाएगा, जिसे इन ई-बस सहित अन्य परिवहन माध्यमों में भी उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह अवसंरचना टियर-2 और टियर-3 शहरों की सुविधा के लिए है।
मनोहरलाल ने बताया कि पहले चरण में निकटवर्ती शहरों के क्लस्टर बनाकर उन्हें योजना के लाभ दिए गए।
मंत्री ने बताया कि शहरी परिवहन शहरी नियोजन का हिस्सा है और यह राज्यों का विषय है। इसलिए, संबंधित राज्य सरकारें अपने शहरों में शहरी परिवहन प्रणाली की योजना, क्रियान्वयन और प्रबंधन की जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 116 शहरों के लिए 10,000 एसी ई-बस स्वीकृत की गई हैं।
उनके अनुसार, बिहार के छह शहरों—भागलपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, पटना और पूर्णिया—के लिए कुल 400 ई-बस स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा 112.46 करोड़ रुपये ‘बिहाइंड द मीटर’ (बीटीएम) और सिविल डिपो इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
भाषा
मनीषा माधव
माधव

Facebook


