साढ़े तीन साल में 13,580 दलाल, 65 रेलकर्मी गिरफ्तार किए गए : वैष्णव

साढ़े तीन साल में 13,580 दलाल, 65 रेलकर्मी गिरफ्तार किए गए : वैष्णव

साढ़े तीन साल में 13,580 दलाल, 65 रेलकर्मी गिरफ्तार किए गए : वैष्णव
Modified Date: August 12, 2026 / 07:54 pm IST
Published Date: August 12, 2026 7:54 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद को बताया कि जून 2026 तक साढ़े तीन साल की अवधि में 65 रेल कर्मचारियों और 13,580 दलालों को गिरफ्तार किया गया।

वैष्णव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में तत्काल टिकट की कथित अनधिकृत बिक्री के संबंध में यह जानकारी दी।

निर्दलीय सांसद उमेशभाई बाबूभाई पटेल ने तत्काल टिकट की बिक्री में रेलवे कर्मचारियों और दलालों के बीच कथित मिलीभगत का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि क्या सरकार ने पिछले तीन वर्ष में रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है क्योंकि पश्चिम रेलवे जोन में तत्काल टिकट बेचने वाले दलालों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

रेल मंत्री ने कहा, ‘‘रेल अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत दोषियों (जिनमें रेलवे कर्मचारी भी शामिल हैं) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। पिछले 3 वर्षों, यानी 2023 से 2025 और जून 2026 तक, भारतीय रेल के 65 कर्मियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से नौ को कानून के संबंधित प्रावधान के तहत पश्चिम रेलवे जोन में गिरफ्तार किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, 13,580 दलालों को गिरफ्तार किया गया और रेल अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।’’

वैष्णव ने टिकट आरक्षण प्रणाली के दुरूपयोग को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा नियमित जांच और अभियानों समेत कई उपायों का भी जिक्र किया।

बाबूभाई ने पश्चिम रेलवे जोन के रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और फुट ओवरब्रिज के बंद पड़े होने के संबंध में भी सवाल पूछे थे।

रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम रेलवे में 46 स्टेशनों पर 191 एस्केलेटर और 86 रेलवे स्टेशनों पर 240 लिफ्ट लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम रेलवे के किसी भी स्टेशन पर कोई लिफ्ट, एस्केलेटर या ‘फुट ओवर ब्रिज’ (एफओबी) स्थायी रूप से बंद नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर रखरखाव, मरम्मत या संचालन से जुड़े अन्य कारणों से लिफ्ट, एस्केलेटर और एफओबी कुछ समय के लिए बंद रहते हैं, तो भी स्टेशन पर यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म के बीच आने-जाने के अन्य रास्ते खुले रहते हैं।

वैष्णव ने एक और प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मुफ़्त एसी (वातानुकूलित) और गैर-एसी प्रतीक्षा कक्ष के अलावा, भारतीय रेल ने आधुनिक ‘एयर-कंडीशंड वेटिंग हॉल’ भी बनाए हैं, जिनके लिए यात्रियों को बहुत कम शुल्क अदा करना पड़ता है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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