रास में पेश हुए 18 निजी विधेयक, वरिष्ठ नागरिकों के योगदान संबंधी प्रावधान वाला विधेयक भी शामिल

रास में पेश हुए 18 निजी विधेयक, वरिष्ठ नागरिकों के योगदान संबंधी प्रावधान वाला विधेयक भी शामिल

रास में पेश हुए 18 निजी विधेयक, वरिष्ठ नागरिकों के योगदान संबंधी प्रावधान वाला विधेयक भी शामिल
Modified Date: March 13, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: March 13, 2026 5:25 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को अर्थव्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को बढ़ावा देने के प्रावधानों वाले एक विधेयक सहित विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा कुल 18 विधेयक पेश किए गए।

उच्च सदन में भारतीय जनता पार्टी के सुजीत कुमार ने सिल्वर अर्थव्यवस्था (विकास और सशक्तिकरण) विधेयक पेश किया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों द्वारा अर्थव्यवस्था में योगदान देने तमाम प्रावधान किए गए हैं।

कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने दो निजी विधेयक पेश किए, जिनमें जलवायु अनुकूल कृषि एवं किसान संरक्षण विधेयक तथा भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

इसी पार्टी की जे बी माथेर हीशम ने भारतीय न्याय संहिता संशोधन विधेयक पेश किया।

भाजपा के धनंजय भीमराव म्हादिक ने जहां कोल्हापुरी चमड़ा शिल्प (परिरक्षण आजीविका सुरक्षा) विधेयक पेश किया, वहीं उनकी पार्टी के भीम सिंह ने दो विधेयक पेश किए। सिंह द्वारा पेश किए गये विधेयकों में संविधान संशोधन विधेयक (नए अनुच्छेद 366 का अनुस्थापन) तथा शहरी क्षेत्र (विकास एवं विनियमन) विधेयक शामिल है।

मार्क्सवादी पार्टी के वी शिवदासन ने संविधान संशोधन विधेयक (नए अनुच्छेद 21 ए का अनुस्थापन) तथा डिजिटल नेटवर्किंग प्लेटफार्म (जवाबदेही और उपयोक्ता संरक्षण) विधेयक पेश किया। इसी पार्टी के जॉन ब्रिटास ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक तथा निशुल्क शिक्षा (माध्यमिक से स्नातक स्तर तक) विधेयक पेश किए।

आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने आस्ति टोकनीकरण विधेयक जबकि उनकी ही पार्टी के अशोक कुमार मित्तल ने प्रवासी भारतीय एवं प्रवासी कर्मकार (संरक्षण और कल्याण) विधेयक तथा नस्लभेद विरोधी एवं समानता विधेयक पेश किए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संतोष कुमार पी ने राष्ट्रीय महिला किसान हकदारी और कल्याण आयोग विधेयक पेश किया।

भाजपा के के लक्ष्मण ने राष्ट्रीय विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतु जनजाति विधेयक जबकि इसी पाटी की सुमित्रा वाल्मीक ने पवित्र बंधन ( माता-पिता देखभाल अवकाश) विधेयक पेश किया।

राज्यसभा में शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद दोपहर दो बजे से गैर सरकारी कामकाज होता है।

भाषा

माधव अविनाश मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में