पिछले साल 37 इंटरपोल नोटिस जारी; 2,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त: एनसीबी

पिछले साल 37 इंटरपोल नोटिस जारी; 2,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त: एनसीबी

पिछले साल 37 इंटरपोल नोटिस जारी; 2,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त: एनसीबी
Modified Date: January 8, 2026 / 11:03 am IST
Published Date: January 8, 2026 11:03 am IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान कथित मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कुल 37 इंटरपोल नोटिस जारी कराए गए और लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के 1.33 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।

वर्ष भर की अपनी गतिविधियों का एक ग्राफ साझा करते हुए संघीय मादक पदार्थ निरोधक एजेंसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इस अवधि के दौरान 77,000 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। नष्ट किए गए इस प्रतिबंधित माल का मूल्य 3,889 करोड़ रुपये आंका गया।

एनसीबी ने बताया कि 2025 में 131 मामलों में 265 मादक पदार्थ अपराधियों को दोषी ठहराया गया। इनमें से 39 आरोपियों को अधिकतम 20 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 210 को 10 वर्ष या उससे अधिक (लेकिन 20 वर्ष से कम) की सजा दी गई।

 ⁠

एजेंसी ने दावा किया कि अदालतों द्वारा निपटाए गए मादक पदार्थ मामलों में उसकी दोषसिद्धि दर 67 प्रतिशत रही, जो 2024 में दर्ज 60.8 प्रतिशत की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है।

बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में, विशेषकर फरार आरोपियों की पहचान और उनके प्रत्यर्पण को लेकर, एजेंसी ने “उल्लेखनीय” प्रगति की है।

एनसीबी ने पिछले वर्ष कुल 14 इंटरपोल रेड नोटिस (अपराधी का पता लगाने और अस्थायी गिरफ्तारी के लिए), 22 इंटरपोल ब्लू नोटिस (किसी व्यक्ति की पहचान और ठिकाने से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए) और एक इंटरपोल सिल्वर नोटिस (आपराधिक संपत्तियों की पहचान के लिए) प्राप्त किए।

वर्ष 2025 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और मलेशिया जैसे देशों से पांच फरार आरोपियों को निर्वासित किया गया।

एजेंसी ने बताया कि इस दौरान लगभग 1,980 करोड़ रुपये मूल्य के 1.33 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए और 447 मामलों में 994 मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 25 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

एनसीबी ने यह भी कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में संचालित छह अवैध मादक पदार्थ निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया गया।

इसके अलावा, एजेंसी ने बताया कि राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक हेल्पलाइन ‘मानस’ (मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र), पर 1.19 लाख से अधिक नागरिक संपर्क प्राप्त हुए, जिनमें कई “कार्रवाई योग्य” सूचनाएं शामिल थीं।

बयान के अनुसार, मानस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल के आधार पर एनसीबी और विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की मादक पदार्थ निरोधक इकाइयों द्वारा कुल 110 मामले दर्ज किए गए।

भाषा मनीषा देवेंद्र

देवेंद्र


लेखक के बारे में