अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और कानूनों का उल्लंघन करने पर 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए
अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और कानूनों का उल्लंघन करने पर 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को संसद में कहा कि अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने पर पिछले दो वर्ष में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को बंद किया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने कहा कि उसने सोशल मीडिया मंचों पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े विज्ञापनों की हालिया खबरों को गंभीरता से लिया है और उन्हें तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी इन सोशल मीडिया मंचों को नोटिस जारी किया है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले दो वर्ष में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और आईटी अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए भारत में सार्वजनिक पहुंच हेतु 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी बंद कर दिया गया है।
वैष्णव ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उनसे सवाल किया गया था, ‘‘क्या सरकार ने इस बात पर ध्यान दिया है कि बच्चों के लिए बने मोबाइल ऐप पर अश्लील विज्ञापन दिखाए जाते हैं?’’
वैष्णव ने अपने जवाब में कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य बच्चों सहित अपने उपयोगकर्ताओं के लिए मुक्त, संरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ‘आईटी अधिनियम और आईटी नियम ने मिलकर डिजिटल क्षेत्र में गैरकानूनी और हानिकारक सामग्री से निपटने के लिए एक सशक्त ढांचा तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन सृजित करने और जनता के बीच साइबर स्वच्छता और साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर सामान्य जागरूकता पैदा करने के लिए ‘सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (आईएसईए) पर एक परियोजना कार्यान्वित कर रही है। अब तक, देश भर में 6,650 जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं।
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा

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