नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि 2018 से लेकर अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में ‘लेटरल एंट्री’ के माध्यम से 63 नियुक्तियां की गई हैं।
‘लेटरल एंट्री’ से तात्पर्य सरकारी विभागों में विभिन्न निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों की नियुक्ति से है।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘2018 से अब तक, विभिन्न सरकारी विभागों में संयुक्त सचिव/निदेशक/उप सचिव स्तर पर संविदा/प्रतिनियुक्ति के आधार पर लेटरल एंट्री के माध्यम से 63 नियुक्तियां की गई हैं।’’
सिंह ने बताया कि कुल नियुक्तियों में से आठ नियुक्तियां 2019 में की गईं जबकि 2021 में 30 और 2023 में 25 नियुक्तियां की गईं।
मंत्री ने कहा कि इनमें से प्रत्येक नियुक्ति एक ही पद कैडर के अंतर्गत की गई तथा ‘पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ बनाम फैकल्टी एसोसिएशन और अन्य’ मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर, नियुक्त अधिकारियों का श्रेणीवार आंकड़ा नहीं रखा गया है।
सिंह ने ‘लेटरल एंट्री’ प्रक्रिया के तहत नियुक्त अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित व्यक्तियों की संख्या के बारे में विवरण संबंधी प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
भाषा सुभाष अविनाश
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