विधानसभा की चार सीट पर हुए उपचुनाव में 68 से 82 प्रतिशत मतदान

विधानसभा की चार सीट पर हुए उपचुनाव में 68 से 82 प्रतिशत मतदान

विधानसभा की चार सीट पर हुए उपचुनाव में 68 से 82 प्रतिशत मतदान
Modified Date: April 9, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: April 9, 2026 10:07 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) कर्नाटक, त्रिपुरा और नगालैंड की चार विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को हुए उपचुनाव में मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा और 68 से 82 प्रतिशत के बीच मतदान दर्ज किया गया।

कर्नाटक के बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण, उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर और नगालैंड में मोकोकचुंग जिले के कोरिडांग विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव हुए।

बंबई उच्च अदालत ने बुधवार को गोवा के पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना को ‘अमान्य’ घोषित कर दिया था। गुजरात और महाराष्ट्र की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, देर शाम 08:30 बजे तक नगालैंड की कोरिडांग में 82.21 प्रतिशत, त्रिपुरा की धर्मनगर में 80.04 प्रतिशत और कर्नाटक की बागलकोट में 68.74 प्रतिशत तथा दावणगेरे दक्षिण में 68.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को दोनों सीट को बरकरार रखने के लिए भाजपा की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

वरिष्ठ कांग्रेस विधायकों एच वाई मेती (बागलकोट) और शमनूर शिवशंकरप्पा (दावणगेरे दक्षिण) के निधन के कारण उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।

भाजपा ने पूर्व विधायक और 2023 में पराजित वीरभद्रय्या चरण्तिमठ को बागलकोट से और नया चेहरा श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को दावणगेरे दक्षिण से मैदान में उतारा।

कांग्रेस ने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिए। बागलकोट से उम्मीदवार उमेश मेती, एच वाई मेती के पुत्र हैं, जबकि दावनगेरे दक्षिण से समर्थ मल्लिकार्जुन, शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर में शाम पांच बजे मतदान समाप्त हो गया।

उन्होंने बताया कि खराब मौसम के बावजूद सभी मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाता आए और बिना किसी बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग किया।

निर्वाचन अधिकारी देबजानी चौधरी ने कहा, ‘सभी 55 मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ। विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।’

उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ईवीएम को छोड़कर वीवीपीएटी से लैस सभी बूथ में वेबकास्टिंग सुनिश्चित की गई थी।

पिछले दिसंबर में विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक बिस्व बंधु सेन के निधन के कारण उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।

अधिकारियों ने बताया कि नगालैंड में कोरिडांग विधानसभा क्षेत्र के 30 मतदान केंद्रों में से कई में 95 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इसके विपरीत कुछ मतदान केंद्रों पर बहुत कम मतदान हुआ।

कोरिडांग में छह उम्मीदवार हैं।

गुजरात के उमरेठ और महाराष्ट्र के राहुरी व बारामती में उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे। मतों की गिनती चार मई को होगी।

भाषा

शुभम अविनाश

अविनाश


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