भारत-जापान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ क्रिकेट, कला और एनीमेशन संबंधित कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी
भारत-जापान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ क्रिकेट, कला और एनीमेशन संबंधित कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने की 75वीं वर्षगांठ अगले साल मनाई जाएगी। इस उपलक्ष्य में एक दोस्ताना क्रिकेट मैच के आयोजन के साथ दोनों देशों की कला, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा भारतीय व्यापार संकुल और जापानी क्षेत्रीय बैंकों के बीच सीधे संबंध के लिए भी एक मंच होगा।
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि दोनों सरकारें अपने-अपने संबंधित हितधारकों के सहयोग से वर्ष 2027 को ‘भारत-जापान साझा क्षितिज वर्ष’ के रूप में मनाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी जापानी समकक्ष सनाए तकाइची ने भी दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने की 75वीं वर्षगांठ के बारे में बात की। यह बातचीत तकाइची की भारत यात्रा के दौरान हुई जो शुक्रवार को समाप्त हुई।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्ष पूरे साल और दोनों देशों में यादगार कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाने और उन्हें पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जिसमें दोनों देशों के युवाओं की विशेष भागीदारी होगी।’’
मंत्रालय ने कहा कि 28 अप्रैल, 2027 के सप्ताह को समन्वित जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से राजनयिक संबंधों की स्थापना को चिह्नित करने के लिए ‘भारत-जापान सप्ताह’ के रूप में नामित किया जाएगा।
भारत-जापान संबंधों को 2000 में ‘वैश्विक साझेदारी’, 2006 में ‘रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ और 2014 में ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद भारत सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ, लेकिन 28 अप्रैल 1952 को जापान के साथ एक अलग शांति संधि करने का फैसला किया, जिससे राजनयिक संबंधों की शुरुआत हुई।
अगस्त 2025 में विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों पर एक नोट के अनुसार, ‘‘तब से भारत-जापान संबंध एक व्यापक साझेदारी में बदल गए हैं, जिसमें राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।’’
यहां 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दो जुलाई को जारी अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने उन कार्यक्रमों की मुख्य जानकारी साझा की जो अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित किए जाएंगे।
इसमें कहा गया है कि एक लोगो और थीम प्रतियोगिता शुरू की जाएगी, जिसमें दोनों देशों के लोगों को भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के भविष्य की कल्पना करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय युवाओं के बीच जापानी कॉमिक्श, एनीमेशन और गेमिंग की बढ़ती लोकप्रियता और एनीमेशन, गेमिंग, कॉमिक्स और इमर्सिव क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के केंद्र के रूप में भारत के उदय को देखते हुए, दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को समर्थन देने और ऐसे क्षेत्रों में मिलकर नई चीजें बनाने (को-क्रिएशन) को बढ़ावा देने के लिए आईएमएजीई-75 शुरू किया जाएगा।’’
विदेश मंत्रालय ने बताया कि आरएएसए-75 को भारत-जापान के बीच साल भर चलने वाले कला और संस्कृति के कार्यक्रम के तौर पर शुरू किया जाएगा। यह दोनों देशों के रंगों, आवाजों, गतिविधियों और जीवित परंपराओं का जश्न मनाएगा और दोनों देशों के मंचीय, दृश्य और पारंपरिक कला एवं कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थानों और युवा रचनाकारों को एक साथ लाएगा।
वर्ष 2036 में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की महत्वाकांक्षा को ध्यान में रखते हुए खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के आपसी आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘खेल-75’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
भाषा संतोष माधव
माधव

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