कर्नाटक के 83 फीसदी मतदाताओं का चुनावों को निष्पक्ष बताना राहुल के लिए ‘करारा झटका’: भाजपा
कर्नाटक के 83 फीसदी मतदाताओं का चुनावों को निष्पक्ष बताना राहुल के लिए ‘करारा झटका’: भाजपा
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की उस रिपोर्ट को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए “करारा झटका” करार दिया, जिसमें कहा गया है कि राज्य के ज्यादातर मतदाता मानते हैं कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाते हैं।
पार्टी ने कहा कि इस रिपोर्ट से कांग्रेस नेता की “विश्वसनीयता” और उनके ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठते हैं।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कर्नाटक सरकार के एक विभाग का इस रिपोर्ट को प्रकाशित करना राज्य की कांग्रेस सरकार और राहुल के रवैये के बीच विरोधाभास को भी दर्शाता है।
भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में पार्टी के सहयोगी दलों के बीच भी विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ के “बेबुनियाद” आरोप लगाते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर “वोट डकैती” का इल्जाम लगाया है।
कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की ओर से किए गए सर्वेक्षण में राज्य के चारों प्रशासनिक मंडल के ज्यादातर प्रतिभागियों ने कहा कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाते हैं और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) सटीक परिणाम देती हैं।
ये निष्कर्ष कर्नाटक निगरानी एवं मूल्यांकन प्राधिकरण (केएमईए) की ओर से प्रकाशित ‘लोकसभा चुनाव 2024-नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार (केएपी) के अंतिम सर्वेक्षण का मूल्यांकन’ शीर्षक वाली रिपोर्ट का हिस्सा हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अगस्त 2025 में तैयार यह सर्वेक्षण रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक की गई है।
भाटिया ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह रिपोर्ट राहुल गांधी के लिए करारा झटका है, जो लगातार ‘वोट चोरी’ के बेबुनियाद आरोप लगाते रहते हैं और लोगों को गुमराह करने के लिए धोखे की राजनीति करते हैं।”
उन्होंने कहा, “कर्नाटक में राहुल की पार्टी की सरकार है, जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 84.55 फीसदी लोगों ने निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर पूरा भरोसा जताया है। इन प्रतिभागियों ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष है और सभी को समान अवसर प्रदान करती है।”
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 83.61 फीसदी लोगों ने ईवीएम में पूरा विश्वास जताया है। उन्होंने कहा, “इससे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।”
राहुल ने पिछले साल अगस्त में आरोप लगाया था कि भाजपा के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने चुनावों में धांधली की थी, ताकि सत्तारूढ़ दल को ‘वोट चोरी’ करने और 2024 के आम चुनावों में सीटें जीतने में मदद मिल सके। उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला दिया था।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। इसके लिए उन्होंने दोनों राज्यों के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला दिया था।
भाषा पारुल माधव
माधव

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