साइबार धोखेबाजों को अवैध रूप से पहले से सक्रिय किये गये सिमकार्ड देने पर एक पीओएस एजेंट धरा गया
साइबार धोखेबाजों को अवैध रूप से पहले से सक्रिय किये गये सिमकार्ड देने पर एक पीओएस एजेंट धरा गया
नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अनिवार्य केवाईसी मानदंडों का उल्लंघन कर सिम कार्ड सक्रिय करने और उन्हें देश भर में साइबर जालसाजों को आपूर्ति करने के आरोप में एक लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार ‘प्वाइंट ऑफ सेल’ (पीओएस) एजेंट को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि तकनीकी जांच के बाद आरोपी शिवा को हिंदू राव अस्पताल के पास एक जगह से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, शिवा सड़क किनारे लाइसेंस-प्राप्त एक अस्थायी दूरसंचार दुकान चला रहा था और कथित तौर पर असली ग्राहकों की जानकारी के बिना उनके पहचान दस्तावेजों एवं बायोमेट्रिक निशानों का गलत इस्तेमाल करके सिम कार्ड सक्रिय करता था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यह जांच तब शुरू की गई जब खुफिया सूचना मिली कि दिल्ली में कुछ पीओएस एजेंटों द्वारा जारी किए गए सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर-धोखाधड़ी के मामलों में बार-बार सामने आ रहे थे।’’
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान तीन खुदरा दुकानें शक के दायरे में आयीं तथा तहकीकात से पता चला कि शिवम टेलीकॉम के जरिए सक्रिय किए गए 11 सिम कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में सामने आए कम से कम 18 साइबर-धोखाधड़ी मामलों में किया गया था।
अधिकारी के अनुसार पुलिस ने दो जुलाई को उसे गिरफ़्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान शिवा ने कबूल किया कि उसने ग्राहकों के केवाईसी दस्तावेजों और बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल करके अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय किए तथा पहले से सक्रिय किये गये इन सिम कार्ड को बिचौलियों एवं साइबर धोखाधड़ी करने वालों को 500 से 600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बेच दिया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि बाद में साइबर अपराधियों ने इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अपने शिकारों से संपर्क करने, पैसों की धोखाधड़ी करने, डिजिटल भुगतान खाता बनाने और अपराध करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए किया।
पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से सक्रिय किए गए सिम कार्ड से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और सिमकार्ड सक्रिय करने से जुड़े दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है।
पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी से सक्रिय किए गए सिम कार्ड हासिल करने और उन्हें बांटने वाले नेटवर्क के बिचौलियों एवं दूसरे सदस्यों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

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