‘आप’ नेताओं ने अरविंद केजरीवाल को जन्मदिन पर दी बधाई, लंबे राजनीतिक सफर को किया याद

‘आप’ नेताओं ने अरविंद केजरीवाल को जन्मदिन पर दी बधाई, लंबे राजनीतिक सफर को किया याद

‘आप’ नेताओं ने अरविंद केजरीवाल को जन्मदिन पर दी बधाई, लंबे राजनीतिक सफर को किया याद
Modified Date: August 16, 2026 / 09:05 pm IST
Published Date: August 16, 2026 9:05 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के कई वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को जन्मदिन की बधाई दी।

उन्होंने केजरीवाल के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा जनसेवा जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी व पार्टी की राजनीति को आकार देने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।

हरियाणा में 16 अगस्त, 1968 को जन्मे केजरीवाल आज 58 वर्ष के हो गए।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल को अपना “बड़ा भाई और पुराना मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर जीत का जश्न मनाया और राजनीतिक संघर्ष के मुश्किल दौर भी साथ झेले।

उन्होंने कहा कि आम लोगों का जीवन बदलने के लिए केजरीवाल का साहस, दृढ़ संकल्प एवं दृष्टिकोण उन्हें और दूसरों को लगातार प्रेरित करता है।

‘आप’ नेता गोपाल राय ने केजरीवाल के साथ अपने 15 साल के जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उनका सफर एक साझा लक्ष्य के साथ शुरू हुआ था, जो देश की राजनीति को बदलना था।

राय ने अन्ना हजारे आंदोलन और ‘आप’ के गठन का जिक्र करते हुए कहा कि इस संघर्ष में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई आज भी जारी है।

आईआईटी खड़गपुर से स्नातक और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों के जरिए लोकप्रिय हुए और हजारे के नेतृत्व में 2011 में चले ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।

उन्होंने 2012 में ‘आप’ की स्थापना की और दिसंबर 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।

केजरीवाल ने बाद में तीन कार्यकाल पूरे किए।

केजरीवाल ने 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।

उन्होंने 49 दिन बाद इस्तीफा दे दिया।

केजरीवाल ने इसके बाद 14 फरवरी 2015 से 16 फरवरी 2020 तक और फिर 16 फरवरी 2020 से 17 सितंबर 2024 तक मुख्यमंत्री पद संभाला।

उन्होंने आबकारी नीति मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद 17 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

‘आप’ ने 2022 में पंजाब में सरकार बनाई, जिससे दिल्ली के बाहर पार्टी के विस्तार का रास्ता खुला।

राय ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने यह दिखाकर राजनीति की दिशा बदल दी कि सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि केजरीवाल के साहस, नेतृत्व और प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रेरित किया है।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल की आम लोगों के संघर्षों को समझने और उनकी पीड़ा को ठोस कदमों में बदलने की क्षमता उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताओं में से एक है।

राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने 2005 के आरटीआई आंदोलन के समय से केजरीवाल के साथ अपने जुड़ाव को याद किया।

उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान, अन्ना आंदोलन और आम आदमी पार्टी के गठन के दौरान दोनों ने 21 वर्षों का सफर साथ तय किया है।

सिंह ने कहा कि लोग यह भूल गए थे कि राजनीति का ध्यान विद्यालयों और अस्पतालों पर भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल शासन के मॉडल पर पूरे देश में चर्चा होने लगी है।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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