तमिलनाडु : मादक पदार्थों के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, द्रमुक का बहिर्गमन

तमिलनाडु : मादक पदार्थों के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, द्रमुक का बहिर्गमन

तमिलनाडु : मादक पदार्थों के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, द्रमुक का बहिर्गमन
Modified Date: August 17, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: August 17, 2026 3:59 pm IST

चेन्नई, 17 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में राज्य में मादक पदार्थों के सेवन और उससे जुड़े अपराधों के मुद्दे पर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

मुद्दा जब भ्रष्टाचार के आरोपों, पिछली द्रमुक सरकार के दौरान मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के तरीकों और मौजूदा टीवीके सरकार की ओर से इस खतरे पर लगाम लगाने के प्रयासों तक पहुंचा तो द्रमुक सदस्यों ने यह आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि मंत्रियों ने उनके सवालों का उचित जवाब नहीं दिया।

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने पिछले एक सप्ताह में राज्य में हिंसक अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कोयंबटूर में 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की निर्मम हत्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्र द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के बारे में दी गई जानकारी उन्हीं अपराधियों के साथ साझा कर दी, जिसके कारण वह मारा गया।

स्टालिन ने कई घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें चेन्नई के तिरुवोत्तियूर में एक छात्र की हत्या, पल्लदम में दोहरे हत्याकांड, कांचीपुरम के पास दो युवकों की हत्या और गुडियाथम में एक महिला पुलिस हेड कांस्टेबल को चाकू मारे जाने की घटना शामिल है।

उन्होंने सरकार के ‘नशा मुक्त तमिलनाडु’ अभियानों के बावजूद कथित तौर पर मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण पाने में विफल रहने के लिए उसकी आलोचना की। साथ ही सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से जुड़े तूतीकोरिन और रानीपेट जिलों में यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर भी चिंता जताई।

उदयनिधि ने सरकार से अपराध दर पर नियंत्रण के लिए तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने, पुलिस की जवाबदेही तथा अनुशासन को बढ़ावा देने और हिंसा की समस्या से निपटने के लिए स्कूलों एवं कॉलेजों में परामर्श सत्र शुरू करने की मांग की।

राज्य के विधि मंत्री आर. निर्मल कुमार ने कॉलेज छात्र की मौत से जुड़ी घटनाओं का विस्तृत ब्योरा देते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने जफर सादिक मामले से निपटने के पिछले सरकार के तरीके से इसकी तुलना की।

इस पर सदन में सत्तारूढ़ दल और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई जिसमें खास तौर पर उदयनिधि और कुमार के बीच बहस हुई। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार पार्टी सदस्यों से जुड़े मादक पदार्थों के मामलों पर कार्रवाई करने में विफल रही है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर ने सदन में व्यवस्था और गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया।

उदयनिधि ने मादक पदार्थों से जुड़े मामलों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से आईपीएल मैच के दौरान एक कैबिनेट मंत्री से जुड़ी घटना का उल्लेख किया और कथित तौर पर अनुचित आचरण का आरोप लगाया।

सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने इस दावे को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने सबूतों की कमी पर सवाल उठाया और जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी के भीतर गलत कामों के आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है।

बहस उस समय और बढ़ गई जब सत्तारूढ़ दल ने जफर सादिक मादक पदार्थ तस्करी मामले का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इसमें शामिल लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है और यह मामला राज्य की बजाय केंद्रीय एजेंसियों द्वारा संभाला जा रहा है।

मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने कहा कि वह क्रिकेट स्टेडियम की घटना के बारे में पहले ही स्पष्टीकरण दे चुके हैं। इसके बाद उन्होंने पिछली द्रमुक सरकार के दौरान उनके विभाग में भर्ती से जुड़े कथित 88 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले पर सवाल उठाया।

लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि सरकार निष्पक्ष बनी हुई है और अधिकारियों को बचाने के बजाय पीड़ितों के परिवारों को सहायता देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश


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