आप, कांग्रेस और शिअद ने बीबीएमबी नियुक्ति अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की

आप, कांग्रेस और शिअद ने बीबीएमबी नियुक्ति अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की

आप, कांग्रेस और शिअद ने बीबीएमबी नियुक्ति अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की
Modified Date: April 15, 2026 / 12:47 am IST
Published Date: April 15, 2026 12:47 am IST

चंडीगढ़, 14 अप्रैल (भाषा) पंजाब की सत्तारूढ़ ‘आम आदमी पार्टी’ (आप), विपक्षी कांग्रेस तथा शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मंगलवार को केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उसपर आरोप लगाया कि वह भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में गैर-हितधारक राज्यों को सदस्यता देकर राज्य की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में नियुक्तियों को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन करने के केंद्र के नवीनतम कदम पर आपत्ति जताते हुए, इन पार्टियों के नेताओं ने दावा किया कि यह पंजाब के अधिकारों और संघीय ढांचे को कमजोर करने के प्रयासों की एक सुसंगत प्रवृत्ति को दर्शाता है।

तीनों दल केंद्र सरकार की उस नवीनतम अधिसूचना का जिक्र कर रहे थे, जो बीबीएमबी (संशोधन) नियम, 2026 से संबंधित है और जिसमें सदस्य (सिंचाई) और सदस्य (बिजली) के पदों के लिए पात्रता मानदंड को संशोधित किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि इन पदों के लिए पंजाब और हरियाणा के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

हालांकि, पूर्व परंपरा के अनुसार, सदस्य (विद्युत) का पद पंजाब के अधिकारी द्वारा और सदस्य (सिंचाई) का पद हरियाणा के अधिकारी द्वारा संभाला जाता है।

पंजाब की राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि इस अधिसूचना के साथ ही ये पद अब अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए भी खुल गए हैं, क्योंकि पंजाब और हरियाणा से इन पदों को भरने की कोई गारंटी नहीं है।

बीबीएमबी भाखरा, पोंग और रणजीत सागर बांधों से जल वितरण को नियंत्रित करता है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भागीदार राज्य हैं जो भाखरा और पोंग बांधों से सिंचाई सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी बीबीएमबी की सदस्यता बाहरी लोगों के लिए खोलने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इसे पहले की तरह केवल पंजाब और हरियाणा तक ही सीमित रखा जाना चाहिए था।

शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब के पानी और बिजली का प्रबंधन करने वाली प्रमुख संस्था बीबीएमबी में ऐसे बदलाव किए गए हैं जो पंजाब के अनिवार्य हिस्से को “कमज़ोर” करते हैं। उन्होंने इसे राज्य के अधिकारों पर “सीधा हमला” बताया।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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