बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी, बागी सांसदों के खिलाफ याचिकाओं पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया

बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी, बागी सांसदों के खिलाफ याचिकाओं पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया

बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी, बागी सांसदों के खिलाफ याचिकाओं पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया
Modified Date: August 12, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: August 12, 2026 7:47 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर आग्रह किया है कि वह पार्टी के 20 बागी सांसदों को अयोग्य करार देने की मांग संबंधी लंबित याचिकाओं पर जल्द फैसला करें।

बनर्जी ने यह भी कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष ने कानून और न्यायिक निर्देशों के तहत निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं लिया तो वह उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।

तृणमूल नेता के अनुसार, उन्होंने जून महीने में इन सांसदों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दायर किए जाने के समय ही बिरला के समक्ष यह मुद्दा उठाया था, लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने जून में ही यह मुद्दा (लोकसभा) अध्यक्ष के समक्ष उठाया था, जब उनमें से प्रत्येक के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। तब से करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मुझे अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। आज भी मुझे मूल रूप से वही जवाब दिया गया, जबकि याचिकाएं लंबित हैं।’’

बनर्जी ने कहा कि वह अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिकाओं के समयबद्ध निपटारे से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोकसभा अध्यक्ष कानून और लागू न्यायिक निर्देशों के तहत निर्धारित अवधि में इन याचिकाओं पर फैसला नहीं करते हैं तो मैं उच्चतम न्यायालय का रुख करने और उसके हस्तक्षेप का अनुरोध करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।’’

बनर्जी ने कहा कि उन्होंने और तृणमूल के अन्य सांसदों ने बार-बार बिरला के समक्ष यह मामला उठाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मानसून सत्र शुरू होने के बाद 23 या 24 जुलाई को मैंने अध्यक्ष के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था। मुझे एक विशेष पत्र सौंपने को कहा गया था, जिसे 26 जुलाई तक सौंप दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि वह अपने सहयोगी सांसदों — सौगत राय, कीर्ति आजाद और प्रतिमा मंडल के साथ मामले की प्रगति जानने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बनर्जी ने कहा कि उन्होंने बुधवार को फिर राय और तृणमूल के अन्य नेताओं के साथ अध्यक्ष से मुलाकात कर लंबित अयोग्यता याचिकाओं का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि ये 20 सांसद तृणमूल के ‘‘जोड़ा फूल’’ चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए थे और उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ा था।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में मेरा मानना है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत विचार किया जाना चाहिए और उनकी अयोग्यता के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’’

तृणमूल ने 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष को 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी थीं और इन सांसदों को अयोग्य करार देने की मांग की थी। ये याचिकाएं उस वक्त दायर की गई थीं जब सांसदों ने घोषणा की थी कि वे ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल हो गए हैं।

भाषा

हक हक सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में