अभाविप झारखंड के विद्यार्थियों के मुद्दे पर देशभर में आंदोलन करेगी : संगठन महासचिव
अभाविप झारखंड के विद्यार्थियों के मुद्दे पर देशभर में आंदोलन करेगी : संगठन महासचिव
रांची, 12 अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बुधवार को कहा कि वह झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर देश भर में 1,200 से ज़्यादा विश्वविद्यालयों और हर जिले में प्रदर्शन करेगी।
झारखंड में हजारों छात्र ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले पिछले 19 दिनों से राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अभाविप महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम इस मुद्दे पर पूरे भारत में 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों और हर जिले में प्रदर्शन करेंगे। छात्रों की आवाज दबाने के बजाय, सरकार को सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश नहीं देना इस बात का संकेत होगा कि गड़बड़ियों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका है।’’
अभाविप महासचिव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तानाशाह करार देते हुए कहा कि वह ‘‘लोकतांत्रिक आवाज को अलोकतांत्रिक तरीके से दबाने पर तुले हैं।’’
सोलंकी ने कहा कि जबतक भर्ती परीक्षा अनियमितता की सीबीआई जांच की घोषणा नहीं कर दी जाती है, तबतक अभाविप देशभर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवालों को देखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में बार-बार बदलाव किये जाने से इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। जब सरकार खुद ही एसआईटी को बदलती रहती है, तो छात्र इसकी जांच पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? ऐसे में, झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है।’’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े छात्र संगठन अभाविप ने कहा कि लगातार दो दिनों तक पुलिस का लाठीचार्ज, छात्रों की गिरफ्तारी और उन्हें राज्य भर से रांची पहुंचने से रोकने की कोशिशें झारखंड सरकार के छात्र-विरोधी रवैये को साफ तौर पर उजागर करती हैं।
सोलंकी ने कहा, ‘‘लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और प्रशासनिक दमन से छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। अभाविप तब तक संघर्ष जारी रखेगा जब तक छात्रों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं निकल जाता।’’
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने के दौरान परिषद के लगभग 110 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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