मोटरसाइकिल सवार की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी ने व्यापक सुरक्षा जांच के आदेश दिए

मोटरसाइकिल सवार की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी ने व्यापक सुरक्षा जांच के आदेश दिए

मोटरसाइकिल सवार की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी ने व्यापक सुरक्षा जांच के आदेश दिए
Modified Date: February 10, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: February 10, 2026 4:22 pm IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जनकपुरी में खोदे गए एक गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत के बाद लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को सुरक्षा के मद्देनजर फ्लाईओवर, भूमिगत पैदल पार पथ, सड़क किनारे की नालियों और सड़क किनारे की लाइट की जांच के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

आदेश में कहा गया है कि सड़क की खुदाई और निर्माण के सभी मौजूदा और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों के स्थल दिन व रात के दौरान हर समय ठीक से बैरिकेड लगाकर सुरक्षित किए जाने चाहिए।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कहा, ‘निर्धारित सुरक्षा मानदंडों के अनुसार पर्याप्त परावर्तक चिह्न, चेतावनी बोर्ड, ब्लिंकर और सावधानी टेप लगाएं। किसी भी परिस्थिति में सड़क के किसी भी गड्ढे, खाई या खोदे गए हिस्से को उचित सुरक्षा के बिना खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।’

इसमें कहा गया है कि नियमित रूप से रात में निरीक्षण किया जाना चाहिए, विशेष रूप से तीखे मोड़ों, चौराहों, डिवाइडर, पैदल यात्री क्रॉसिंग, बस स्टॉप, फ्लाईओवर, भूमिगत पैदल पार पथ और अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर।

यह आदेश दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों के बाद आया है।

आधिकारिक आदेश में आगे कहा गया है कि दिन के समय किए जाने वाले निरीक्षणों में खंभों, तारों और नींव की भौतिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी ने कहा, ‘कोई भी टिमटिमाती, मंद या आंशिक रूप से काम करने वाली बत्तियां दोषपूर्ण मानी जानी चाहिए और उनकी तुरंत मरम्मत की जानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो अस्थायी प्रकाश व्यवस्था की जानी चाहिए।’

कैलाशपुरी निवासी और एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में कार्यरत कमल ध्यानी (25) शुक्रवार तड़के रोहिणी स्थित अपने कार्यालय से घर लौट रहे थे तभी वे गड्ढे में गिर गए। दिल्ली जल बोर्ड के काम के लिए जनकपुरी में खोदी गई सड़क के चारों ओर उचित बैरिकेडिंग नहीं की गई थी।

पीडब्ल्यूडी ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़क किनारे की नालियों का व्यापक निरीक्षण करने का भी आदेश दिया है।

निर्देशों में कहा गया है, ‘क्षेत्रीय अधिकारियों को गायब, टूटे या क्षतिग्रस्त नाली के ढक्कनों की पहचान करने और उन्हें तुरंत बदलने का निर्देश दिया गया है। जिन मामलों में स्थायी मरम्मत में समय लग सकता है, उनमें तत्काल अस्थायी सुरक्षात्मक व्यवस्था की जानी चाहिए और विभाग स्तर पर अनुपालन रिपोर्ट रखी जानी चाहिए।’

आदेश में यह भी कहा गया है कि फ्लाईओवर, पुल, ओवरब्रिज और अंडरपास के निरीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

आदेश में कहा गया है, ‘किसी भी दुर्घटना या असुरक्षित स्थिति के पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और प्रासंगिक नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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