अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी ने उन्हें ‘संघी’ कहने पर स्टालिन की कड़ी आलोचना की
अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी ने उन्हें ‘संघी’ कहने पर स्टालिन की कड़ी आलोचना की
(फाइल फोटो के साथ)
शिवगंगा (तमिलनाडु), एक अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख ई के पलानीस्वामी ने बुधवार को उन्हें ‘संघी’ कहने पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के शीर्ष नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानहानिकारक टिप्पणी बताया।
पलानीस्वामी ने यहां एक चुनावी रैली में अपने संबोधन में अन्नाद्रमुक पर संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) का विरोध करते हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के खून का दाग लगा होने का आरोप लगाने को लेकर भी स्टालिन की कड़ी आलोचना की और उस आरोप को खारिज कर दिया।
पलानीस्वामी ने दिवंगत नेताओं– एम. करुणानिधि और मुरासोली मारन की तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ एक पुरानी, बिना तारीख वाली तस्वीर दिखाई और पूछा कि क्या ये दोनों दिवंगत नेता – करुणानिधि और मारन – ‘संघी’ नेता थे।
‘संघी’ शब्द का इस्तेमाल द्रमुक और उसके सहयोगी दल भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाना बनाने के लिए करते हैं। सामान्य तौर पर, संघी शब्द का अर्थ आरएसएस के कार्यकर्ता से लगाया जाता है।
पलानीस्वामी ने कहा कि स्टालिन जानबूझकर उनके और अन्नाद्रमुक के खिलाफ अपमानजनक और मानहानिकारक तरीके से बोल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी पार्टी इसका करारा जवाब देगी।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन

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