मिज़ो जातीय समूहों के बीच एकता के लिए आकाशवाणी एक महत्वपूर्ण शक्ति : मुख्यमंत्री लालदुहोमा

मिज़ो जातीय समूहों के बीच एकता के लिए आकाशवाणी एक महत्वपूर्ण शक्ति : मुख्यमंत्री लालदुहोमा

मिज़ो जातीय समूहों के बीच एकता के लिए आकाशवाणी एक महत्वपूर्ण शक्ति : मुख्यमंत्री लालदुहोमा
Modified Date: June 8, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: June 8, 2026 5:32 pm IST

आइजोल, आठ जून (भाषा) मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को आकाशवाणी की सराहना करते हुए इसे मिजो या जो जातीय समूहों के बीच एकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया, जो विभिन्न क्षेत्रों में समुदायों के लिए एक सशक्त आवाज के रूप में कार्य करता है।

आकाशवाणी की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में लालदुहोमा ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक अपनी स्थापना के बाद से देश में सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय आवाजों में से एक रहा है।

उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के प्रसारण न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों तक बल्कि पड़ोसी देशों तक भी पहुंचते हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में फैले ज़ो समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने प्रसारक के सांस्कृतिक प्रभाव की भी सराहना की और आकाशवाणी को मिजो भाषा के उचित उपयोग के लिए एक उत्कृष्ट मॉडल बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसा करके, यह नेटवर्क मिजो इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और अभिलेखों की रक्षा करते हुए भाषा को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

अधिकारियों के अनुसार, देश के सबसे बड़े रेडियो नेटवर्क और विश्व स्तर पर सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक के रूप में, आकाशवाणी 23 भाषाओं और 146 से अधिक बोलियों में प्रसारण करता है।

उन्होंने बताया कि इसके सिग्नल 100 से अधिक देशों तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 जुलाई, 1966 को स्थापित आकाशवाणी के आइजोल स्टेशन ने राज्य में अशांति या अलगाववादी आंदोलन के दौरान समाचार और सूचना की एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा के रूप में काम किया।

लालदुहोमा ने कहा, “आकाशवाणी सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण संरक्षक बना हुआ है। आकाशवाणी कलाकार का दर्जा प्राप्त करना प्रसिद्ध मिज़ो गायकों के बीच एक अत्यंत सम्मानित उपलब्धि है।”

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत


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