‘गठबंधन का नाटक, कोई फर्क नहीं पड़ेगा’: भाजपा ने ‘इंडिया’ की बैठक पर निशाना साधा

‘गठबंधन का नाटक, कोई फर्क नहीं पड़ेगा’: भाजपा ने ‘इंडिया’ की बैठक पर निशाना साधा

‘गठबंधन का नाटक, कोई फर्क नहीं पड़ेगा’: भाजपा ने ‘इंडिया’ की बैठक पर निशाना साधा
Modified Date: June 8, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: June 8, 2026 9:57 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) भाजपा ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता द्वारा “पूरी तरह से निष्क्रिय” कर दिए गए लोग किसी न किसी तरह सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी ‘इंडिया’ के नेताओं पर “पाखंड” का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग हाल तक एक-दूसरे पर हमला और आलोचना कर रहे थे, वे अब “गठबंधन की बैठक का नाटक” कर रहे हैं।

भाजपा सांसद ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, “लोग सब कुछ देख रहे हैं। इंडी गठबंधन चाहे कितनी भी बैठकें कर ले, उनसे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। ऐसी बैठकों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

पात्रा ने कहा, “इनमें से किसी भी राजनीतिक दल की जमीनी स्तर पर कोई उपस्थिति नहीं है… जनता ने इन्हें पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है, फिर भी ये किसी न किसी तरह सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं।”

विपक्षी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के नेताओं ने सोमवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मुलाकात की और “लोकतांत्रिक मूल्यों” की रक्षा के लिए अपने घटक दलों के बीच एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘इंडिया’ ने सोमवार को एकजुटता प्रदर्शित करते हुए ‘‘लाखों युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात करने’’ के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और कहा कि वह ‘‘वोट लूट’’ को लेकर जल्द ही प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखेगा।

बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा विपक्षी दलों की मांग है कि, ‘‘वर्तमान गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।’’

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा, “पहले (इंडिया की) ऐसी बैठकें स्टेडियम में होती थीं। उन्हें बेंगलुरु के एक स्टेडियम में एक-दूसरे का हाथ पकड़े देखा गया था। अब उनकी बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के एक कमरे में स्थानांतरित हो गई है।”

भाजपा नेता ने कहा, “चुनाव के दौरान, (पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने कहा था कि कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि बनर्जी की पार्टी की खराब गतिविधियों के कारण भाजपा पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर पाई है। और आज वे साथ बैठी थे। सोनिया गांधी और ममता बनर्जी एक-दूसरे को ऐसे गले लगा रही थीं मानो कुंभ मेले में बिछड़ी बहनें हों।”

‘इंडिया’ के घटक दलों के बीच मतभेदों को रेखांकित करने के उद्देश्य से, पात्रा ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम के अनुरोध और तमिलनाडु में सरकार गठन में टीवीके को समर्थन देने के लिए कांग्रेस की आलोचना करने वाले द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन का भी हवाला दिया।

उन्होंने कहा, “वे एक ही ड्राइंग रूम में बैठक करते हैं, लेकिन उनके चुनावी मोर्चे अलग-अलग हैं। उस ड्राइंग रूम से बाहर निकलते ही वे अपने-अपने अलग राजनीतिक मैदान में चले जाते हैं, जहां वे एक-दूसरे को कोसते हैं।”

पात्रा ने दावा किया कि ‘इंडिया’ की बैठक में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को हटाने के अलावा न तो कोई एजेंडा था और न ही कोई रणनीति।

भाजपा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, “इंडी गठबंधन की बैठक का एकमात्र एजेंडा (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी को हटाना था।” उन्होंने आगे पूछा, “मुझे बताइए, महत्वपूर्ण क्या है? किसी को बचाना या हटाना? देश को आगे ले जाना या किसी को नीचा दिखाना?”

पात्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर खरगे की टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा “पाखंड की पराकाष्ठा” बताया।

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु और केरल में भी एसआईआर का संचालन हुआ था। लेकिन आप वहां इसकी निंदा नहीं कर रहे हैं। आपने द्रमुक को छोड़कर तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिये तुरंत एक अन्य पार्टी (टीवीके) के साथ गठबंधन कर लिया। और केरल में, आपने (कांग्रेस) सरकार बनाई।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन में पूरी तरह से ‘बिखराव’ की स्थिति है और कांग्रेस तथा द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) एवं वामपंथी दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने भी क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के पीछे कांग्रेस के इरादों पर सवाल उठाए हैं।

पूनावाला ने कहा, ‘‘कोई ‘इंडी’ गठबंधन नहीं है। यह केवल कल्पना की उपज है। दिखावटी बैठकें होती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती।’’

विपक्षी गठबंधन में साझा उद्देश्य की कमी का दावा करते हुए पूनावाला ने कहा कि इसमें कोई ‘मिशन’ नहीं, कोई ‘विजन’ (दृष्टि) नहीं, केवल ‘डिवीजन’ (विभाजन) है।

एक वीडियो बयान में उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय दलों का कांग्रेस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वह ‘‘उन्हें इस्तेमाल करके छोड़ देती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ द्रमुक ने कहा है कि कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी है और वह उसके साथ बैठना नहीं चाहती। झारखंड में दूसरी राज्यसभा सीट को लेकर झामुमो का कांग्रेस से विवाद है, उसका कहना है कि कांग्रेस ने उससे पूछा तक नहीं।’’

भाजपा नेता ने कहा कि ‘‘ राजद, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) और अन्य दलों का भी मानना है कि कांग्रेस उन्हें इस्तेमाल करके छोड़ देती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इंडी गठबंधन केवल कागजों, सुर्खियों और दिखावटी कार्रवाइयों में ही है, हकीकत में नहीं है।’’

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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