आंबेडकर ने सच्चे लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक न्याय पर आधारित बताया था : सिक्किम के राज्यपाल

आंबेडकर ने सच्चे लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक न्याय पर आधारित बताया था : सिक्किम के राज्यपाल

आंबेडकर ने सच्चे लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक न्याय पर आधारित बताया था : सिक्किम के राज्यपाल
Modified Date: April 14, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: April 14, 2026 9:04 pm IST

गंगटोक, 14 अप्रैल (भाषा) सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने मंगलवार को कहा कि बी.आर. अंबेडकर ने समानता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि सही मायनों में लोकतंत्र राजनीतिक समानता के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक न्याय पर भी आधारित होता है।

राज्य विधानसभा में आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माथुर ने जाति-आधारित भेदभाव से लड़ने और स्वतंत्रता, समानता तथा बंधुत्व के सिद्धांतों को सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने समावेशी विकास, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, श्रम कल्याण और महिला सशक्तीकरण में आंबेडकर के योगदान को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि सिक्किम सरकार कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है और जमीनी स्तर पर समान अवसर सुनिश्चित कर रही है।

राज्यपाल ने अनुसूचित जाति (एससी) के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ कानूनी सहायता और जागरूकता पहल पर भी जोर दिया। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और समावेशिता के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग भी उपस्थित थे।

उन्होंने बाद में एक संदेश में कहा, “बाबासाहेब का साहस और दृढ़ विश्वास से भरा सफर हमारे राष्ट्र की अंतरात्मा को नया आकार देने वाला साबित हुआ और उन्होंने अधिक न्यायपूर्ण तथा समावेशी भारत की नींव रखी।”

उन्होंने कहा, “आज जब हम उन्हें याद कर रहे हैं, तो उनके आदर्शों को विचार और कर्म दोनों में आगे बढ़ाएं, सद्भाव को प्रोत्साहित करें, भेदभाव के खिलाफ खड़े हों और जरूरतमंदों का उत्थान करें।”

यह कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग द्वारा अखिल सिक्किम अनुसूचित जाति कल्याण संघ (एएसएससीडब्ल्यूए) के समन्वय से आयोजित किया गया।

भाषा प्रचेता दिलीप

दिलीप


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