जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामे के बीच भाजपा नेता रंधावा ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामे के बीच भाजपा नेता रंधावा ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया
जम्मू, 17 फरवरी (भाषा) कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक ने भाजपा विधायक विक्रम रंधावा द्वारा जेडीए की जमीन पर कथित अतिक्रमण के संबंध में की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद लगभग आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
कांग्रेस विधायकों इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने निर्दलीय विधायक शेख खुर्शीद अहमद के साथ मिलकर तख्तियां प्रदर्शित कीं और नारे लगाए। विधायकों ने रंधावा से उनके 13 फरवरी के बयान के लिए माफी मांगने की मांग की, जिसमें भाजपा विधायक ने कहा था कि उनके बाहु निर्वाचन क्षेत्र में जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की 688 कनाल भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में से 90 प्रतिशत कश्मीर से हैं।
तीन दिन की छुट्टी के बाद आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो खुर्शीद अहमद ने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत में पूर्व मंत्री पीरजादा गुलाम अहमद शाह और पूर्व विधान पार्षद बृज मोहन शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनका क्रमशः 13 फरवरी और 16 फरवरी को निधन हो गया था।
पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने कांग्रेस और निर्दलीय विधायक का समर्थन किया, जिन्होंने रंधावा पर कश्मीरी मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम लाल शर्मा के हस्तक्षेप पर, रंधावा ने सदन में एक बयान दिया, जिसमें भाजपा विधायक ने कहा कि उन्होंने किसी भी समुदाय पर विशेष रूप से हमला नहीं किया, बल्कि उनकी चिंता कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में थी जिन्होंने उनके निर्वाचन क्षेत्र में जमीन पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे शब्दों में यह साबित हो जाता है कि मैंने किसी विशेष समुदाय का विरोध किया है या उसका अपमान किया है, तो मैं उन शब्दों को वापस लेने के लिए तैयार हूं।’’
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश

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