वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता के बीच, भारत में अभूतपूर्व निश्चितता है : प्रधानमंत्री मोदी

वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता के बीच, भारत में अभूतपूर्व निश्चितता है : प्रधानमंत्री मोदी

वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता के बीच, भारत में अभूतपूर्व निश्चितता है : प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: January 11, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: January 11, 2026 8:07 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

राजकोट, 11 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत वर्तमान में अभूतपूर्व निश्चितता और राजनीतिक स्थिरता के युग का साक्षी है, विशेषकर एक ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितता का सामना कर रही है।

मोदी ने निवेशकों से देश में मौजूद विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

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राजकोट शहर में सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर व्याप्त भारी अनिश्चितता के बीच, हम भारत में अभूतपूर्व निश्चितता के युग के साक्षी बन रहे हैं। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता है।”

उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

मोदी ने कहा, “हाल के वर्षों में भारत ने बहुत तीव्र प्रगति की है, और इसमें गुजरात ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, और उभरते आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भारत से विश्व की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं।”

उन्होंने कहा कि नए मध्यम वर्ग का विस्तार और उनकी बढ़ती क्रय शक्ति उन प्रमुख कारकों में से हैं जिन्होंने भारत को अपार संभावनाओं वाला देश बना दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है। दुनिया में सबसे अधिक टीके बनाने वाला देश भारत है। भारत की वृद्धि ‘सुधार, प्रदर्शन और रूपांतरण’ के मंत्र पर आधारित है।”

मोदी ने कहा कि आज हर वैश्विक विशेषज्ञ और वैश्विक संस्था भारत को लेकर आशावादी है।

उन्होंने कहा कि भारत मोबाइल डेटा का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया है, और यूपीआई दुनिया का नंबर एक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन मंच बन गया है।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में भी भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल है, जबकि इसके मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन नेटवर्कों में से हैं।

मोदी ने कहा, “इसीलिए मैं बार-बार कहता हूं कि यही समय है, और देश-दुनिया के हर निवेशक के लिए इन अवसरों का लाभ उठाने का यह सही समय है।”

उन्होंने निवेशकों से सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में निवेश करने पर विचार करने का भी आग्रह किया, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

मोदी ने कहा, “भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में सौराष्ट्र और कच्छ की बहुत बड़ी भूमिका है, और यह भूमिका बाजार-संचालित है, जो निवेशकों में सबसे अधिक विश्वास पैदा करती है।”

उन्होंने आगे कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ न केवल अवसरों के क्षेत्र हैं, बल्कि भारत के विकास के लिए एक आधार क्षेत्र बन गए हैं।

मोदी ने कहा कि भावनगर जिले का अलंग विश्व का सबसे बड़ा जहाज तोड़ने का कारखाना है, जहां विश्व के एक तिहाई जहाजों का पुनर्चक्रण किया जाता है।

उन्होंने कहा, “भारत टाइलों के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है, और मोरबी जिला इसमें महत्वपूर्ण योगदान देता है। धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र आधुनिक विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। धोलेरा में भारत की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधा स्थापित की जा रही है।”

मोदी ने आगे कहा कि यह क्षेत्र भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए शुरुआती बढ़त प्रदान कर रहा है, जिसका अर्थ है कि इस क्षेत्र में आपके निवेश के विकास के लिए जमीन पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने आगे कहा, “बुनियादी ढांचा तैयार है, नीति पूर्वानुमानित है और दृष्टिकोण दीर्घकालिक है।”

इससे पहले दिन में, मोदी ने वीजीआरसी से पहले राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालय में एक व्यापार मेले का उद्घाटन किया।

अधिकारियों ने कहा कि इस आयोजन में भाग लेने वाले अमेरिका और यूरोप के कई देशों सहित 16 देशों के 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ 1,500 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जबकि वीजीआरसी में ‘रिवर्स बायर सेलर मीट’ (आरबीएसएम) के दौरान 1,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें निर्धारित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि टोरेंट पावर लिमिटेड, कोसोल, अदाणी ग्रीन, एस्सार ग्रुप, नायरा एनर्जी, ज्योति सीएनसी जैसी प्रमुख कंपनियां 26,000 वर्ग मीटर में फैली इस प्रदर्शनी में भाग ले रही हैं।

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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