West Bengal Assembly Election Date: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, इतने चरणों में डाले जाएंगे वोट, जानिए कब आएगा परिणाम

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, इतने चरणों में डाले जाएंगे वोट, West Bengal Assembly Election Date

West Bengal Assembly Election Date: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, इतने चरणों में डाले जाएंगे वोट, जानिए कब आएगा परिणाम
Modified Date: March 15, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: March 15, 2026 4:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा।
  • सभी सीटों के लिए एक साथ 4 मई 2026 को मतगणना होगी।
  • पहले फेज का नोटिफिकेशन 30 मार्च को जारी किया जाएगा।

नई दिल्लीः West Bengal Assembly Election Date: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। रविवार को आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर बताया कि पश्चिम बंगाल में 2 चरण में चुनाव होंगे। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को बंगाल में चुनाव होगा। वहीं मतगणना 4 मई को होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पहले फेज का नोटिफिकेशन 30 मार्च को जारी किया जाएगा। इसके लिए 6 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 9 अप्रैल को नामांकन वापस लिए जाने की अनुमति होगी। पहले फेज के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। वहीं दूसरे फेज के लिए 2 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 9 अप्रैल तक नॉमिनेशन फाइल किया जाएगा। दूसरे फेज के लिए नामांकन वापसी 13 अप्रैल तक की जा सकती है। इसके अलावा 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग होगी। वहीं 4 मई 2026 को चुनावी मतगणना होगी, इसके साथ ही 6 मई 2026 को राज्यों में चुनाव संपन्न हो जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री

West Bengal Assembly Election Date: बता दें कि 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी।14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। इससे पहले जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

CEC ने कुछ दिन पहले किया था बंगाल का दौरा

कुछ समय पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग के उच्च स्तरीय दल ने हाल ही में कोलकाता का दौरा किया था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए जमीनी हकीकत को परखना था। दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ। सुखबीर सिंह संधू और डॉ। विनीत जोशी भी मौजूद रहे। आयोग की इस ‘फुल बेंच’ ने राज्य के तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ गहन चर्चा की। इस बैठक में चुनावी कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान को लेकर दलों के सुझावों और चिंताओं पर विस्तार से बात हुई।

इन्हे भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।