Amit Shah on Muslim Reservation: अखिलेश चाहते है देशभर में ‘मुस्लिम महिलाओं’ के लिए अलग से आरक्षण?.. शाह बोले ‘आप सारी टिकटें दे दो, हमें क्या आपत्ति”.. देखें ये दिलचस्प वीडियो

Amit Shah on Muslim Reservation in Parliament: संसद में मुस्लिम आरक्षण पर अमित शाह और अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस, जानिए किसने क्या कहा

Amit Shah on Muslim Reservation: अखिलेश चाहते है देशभर में ‘मुस्लिम महिलाओं’ के लिए अलग से आरक्षण?.. शाह बोले ‘आप सारी टिकटें दे दो, हमें क्या आपत्ति”.. देखें ये दिलचस्प वीडियो

Amit Shah on Muslim Reservation in Parliament || Image- ANI News File

Modified Date: April 16, 2026 / 02:15 pm IST
Published Date: April 16, 2026 2:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • संसद में मुस्लिम आरक्षण मुद्दे पर शाह और अखिलेश आमने-सामने
  • अखिलेश ने पूछा मुस्लिम महिलाएं क्या आधी आबादी में नहीं आतीं
  • अमित शाह का जवाब, सपा दे दे सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया है। (Amit Shah on Muslim Reservation in Parliament) आज सत्र के पहले दिन तीनो ही विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी देखने को मिली। खासकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सपा मुखिया अखिलेश यादव कई दफे आमने-सामने आ गए।

आरक्षण पर भिड़े मंत्री और पूर्व सीएम

संसद के विशेष सत्र में अखिलेश यादव के उठाये गए सवालों पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तीखा पलटवार किया। दरअसल अखिलेश ने जनगणना और आरक्षण पर सवाल पूछते हुए कहा कि, “माननीय मंत्री जी ने अलोकतांत्रिक बातें कही है। हो सकता है उन्होंने धर्म की बात कही हो, लेकिन पूरा देश, आधी आबादी के लिए आरक्षण चाहता है। अध्यक्ष महोदय, मैं माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूँ कि, क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी में नहीं आती?”

इस पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि, “मान्यवर समाजवादी पार्टी अपनी साड़ी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहाँ आपत्ति है? (Amit Shah on Muslim Reservation) शाह के जवाब पर पक्ष की तरफ से जोरदार तालियां बजाई गई।

अखिलेश ने उठाया जनगणना और जातीय आरक्षण का सवाल

लोकसभा में अखिलेश यादव ने कहा, “आप इतनी जल्दी में क्यों हैं? केंद्र सरकार महिला आरक्षण के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है? पहले जनगणना करवाइए। समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन के जरिए आरक्षण करवाने के तरीके का विरोध करती है। (Amit Shah on Muslim Reservation in Parliament) जनगणना होते ही हम जाति जनगणना की मांग करेंगे, और फिर आरक्षण का मुद्दा उठेगा। इसलिए आप हमारे साथ धोखा करना चाहते हैं।”

‘धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक’ : केंद्रीय मंत्री शाह

अखिलेश यादव को जवाब देते हुए शाह ने कहा, “अखिलेश यादव ने पूछा कि जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है। मैं पूरे देश को सूचित करना चाहता हूं कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया है और जातिगत आंकड़ों के साथ-साथ गणना भी की जा रही है। अगर समाजवादी पार्टी की चलती तो वे घरों को भी जाति के आधार पर वर्गीकृत कर देते। धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही। यह असंवैधानिक है। धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है।”

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए तीनों विधेयकों का विरोध किया और साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक है।

कांग्रेस के विरोध से शुरू हुआ टकराव

गुरुवार को लोकसभा में उस समय टकराव के हालत पैदा हो गए जब कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 को पेश करने का विरोध दर्ज किया।

संसद के निचले सदन को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, “मैं केंद्रीय मंत्रियों अर्जुन राम मेघवाल और अमित शाह द्वारा पेश किए गए विधेयक का विरोध करता हूं। यह विधेयक भारतीय संघीय ढांचे पर एक मौलिक हमला है। इस विधेयक का असल उद्देश्य क्या है? संसद ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस विधेयक को पारित कर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है।” (Amit Shah on Muslim Reservation in Parliament) इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया और जोर देकर कहा कि वेणुगोपाल विधेयकों के परिचय के चरण में उनकी खूबियों पर सवाल नहीं उठा सकते थे और वे केवल तकनीकी आपत्तियां उठाने तक ही सीमित थे। शाह ने आगे कहा कि सरकार बहस के दौरान विपक्ष को “कड़ा जवाब” देगी।

संसद का विशेष सत्र हुआ शुरू

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। बता दें कि, सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया है।

इन्हें भी पढ़े:-

‘मेडिकल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के लिए अपनी ‘बेड’ क्षमता विस्तार को तेज कर रहा है मैक्स

उप्र: राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल होने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार, विदेशी संपर्क की जांच शुरू

चीन में कैथोलिक समुदाय पर बढ़ा दबाव, सरकारी गिरजाघर से जुड़ने को मजबूर : रिपोर्ट

ओलंपिक में कोविड-19 टीका लगाने का फर्जी प्रमाणपत्र देने वाला हॉकी कोच बर्खास्त

इजराइल और अमेरिका का लक्ष्य ‘एक जैसा’, हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार: नेतन्याहू

आंध्र प्रदेश में सड़क दुर्घटना में आठ श्रद्धालुओं की मौत, मुख्यमंत्री नायडू ने शोक जताया


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown