चीन में कैथोलिक समुदाय पर बढ़ा दबाव, सरकारी गिरजाघर से जुड़ने को मजबूर : रिपोर्ट

चीन में कैथोलिक समुदाय पर बढ़ा दबाव, सरकारी गिरजाघर से जुड़ने को मजबूर : रिपोर्ट

चीन में कैथोलिक समुदाय पर बढ़ा दबाव, सरकारी गिरजाघर से जुड़ने को मजबूर : रिपोर्ट
Modified Date: April 16, 2026 / 10:51 am IST
Published Date: April 16, 2026 10:51 am IST

न्यूयॉर्क, 16 अप्रैल (एपी) चीन में कैथोलिक समुदायों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है कि वे सरकार द्वारा नियंत्रित आधिकारिक गिरजाघर से जुड़ें और साथ ही करीब 1.2 करोड़ कैथोलिक पर निगरानी और यात्रा प्रतिबंध भी कड़े किए जा रहे हैं। एक मानवाधिकार समूह ने बुधवार को यह जानकारी दी।

‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ की विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ता हुआ यह दबाव एक दशक पुराने अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी धार्मिक संप्रदाय और स्वतंत्र गिरजाघर आधिकारिक रूप से नास्तिक कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादार रहें।

चीन में कैथोलिक समुदाय दो हिस्सों में बंटा रहा है- एक सरकारी गिरजाघर, जो पोप को नहीं मानता और दूसरा ऐसे चर्च, जो चोरी छिपे संचालित किए जाते हैं और वेटिकन के प्रति निष्ठावान हैं।

पोप फ्रांसिस ने 2018 में वेटिकन-चीन समझौते के तहत बिशप की नियुक्ति में चीन को भूमिका दी थी, लेकिन इसके बावजूद दमन जारी है।

रिपोर्ट के अनुसार, चोरी छिपे संचालित गिरजाघरों के सदस्यों पर गिरफ्तारी, नजरबंदी और उत्पीड़न जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं। साथ ही धार्मिक गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और पादरियों की विदेश यात्रा पर भी कड़े नियंत्रण लगाए गए हैं।

पोप लियो 14वें से इस समझौते की समीक्षा करने और चीन पर दबाव बनाने की अपील की गई है। चीन सरकार केवल पांच धर्मों को मान्यता देती है और उन पर कड़ी निगरानी रखती है।

वेटिकन के प्रवक्ता मैत्तियो ब्रूनी ने बुधवार को इस रिपोर्ट पर टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।

चीन के विदेश मंत्रालय ने भी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के प्रश्न का तत्काल उत्तर नहीं दिया।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि उसके शोधकर्ताओं को चीन में प्रवेश की अनुमति नहीं है। उसने बताया कि उसकी रिपोर्ट चीन के बाहर के उन लोगों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिन्हें ‘‘चीन में कैथोलिक जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव था’’। साथ ही चीन में धार्मिक स्वतंत्रता और कैथोलिक धर्म के विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर भी आधारित है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ‘‘सिनिसाइजेशन’’ (धर्मों को इस तरह बदलना कि वे चीनी सरकार और उसकी विचारधारा के अनुसार चलें) नीति के तहत गिरजाघरों को तोड़ा गया, धार्मिक साहित्य जब्त किया गया और गैर-सरकारी गिरजाघरों पर रोक लगाई गई। साथ ही तिब्बती बौद्ध और मुस्लिम समुदायों पर भी सख्ती बढ़ी है।

एपी गोला शोभना

शोभना


लेखक के बारे में