सिख-विरोधी दंगा : दिल्ली की अदालत ने जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामले को जिला न्यायाधीश के पास भेजा

सिख-विरोधी दंगा : दिल्ली की अदालत ने जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामले को जिला न्यायाधीश के पास भेजा

सिख-विरोधी दंगा : दिल्ली की अदालत ने जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामले को जिला न्यायाधीश के पास भेजा
Modified Date: September 11, 2023 / 07:33 pm IST
Published Date: September 11, 2023 7:33 pm IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश हत्याकांड से संबंधित एक मामला सोमवार को आगे की कार्यवाही के लिए जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया। इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर आरोपी हैं।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विधि गुप्ता आनंद ने इस मामले को जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया ताकि मामला सत्र न्यायाधीश को सौंपा जा सके।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री टाइटलर पर हत्या (भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दंडनीय) का आरोप लगाया गया था, जिस पर विशेष रूप से सत्र न्यायालय में सुनवाई हो सकती है।

इस अपराध में दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में अधिकतम मौत की सजा का प्रावधान है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि अविश्वसनीय दस्तावेजों की एक सूची के अलावा मामले में जिन दस्तावेजों पर भरोसा किया गया है, उनकी प्रतियां पहले ही टाइटलर को प्रदान की जा चुकी हैं।

मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपी आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी अन्य दस्तावेज की मांग के लिए सत्र अदालत के समक्ष आवश्यक आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र है।

उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को पारित एक आदेश द्वारा कथित अपराधों का संज्ञान लिया गया और आरोपी को तलब किया गया।

मजिस्ट्रेट ने कहा, ‘‘ रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चलता है कि आरोप पत्र अन्य बातों के अलावा आईपीसी की धारा 302 और 436 के तहत दायर किया गया है, यानी, ऐसे अपराध जो विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय हैं। तदनुसार, यह मामला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राउज़ एवेन्यू जिला न्यायालय, नयी दिल्ली को सौंपा जाता है।’’

पूर्व में एक सत्र अदालत ने टाइटलर को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अग्रिम जमानत दे दी थी।

उसने टाइटलर पर कुछ शर्तें भी लगाई थीं कि वह मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे या बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किये जाने के एक दिन बाद एक नवंबर, 1984 को यहां पुल बंगश इलाके में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक गुरुद्वारे में आग लगा दी गई थी।

भाषा रवि कांत वैभव

वैभव


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