ईवीएम बटन पर इत्र या गोंद लगाना ‘छेड़छाड़’ माना जाएगा, आपराधिक कार्रवाई संभव: आयोग

ईवीएम बटन पर इत्र या गोंद लगाना ‘छेड़छाड़’ माना जाएगा, आपराधिक कार्रवाई संभव: आयोग

ईवीएम बटन पर इत्र या गोंद लगाना ‘छेड़छाड़’ माना जाएगा, आपराधिक कार्रवाई संभव: आयोग
Modified Date: April 22, 2026 / 11:43 am IST
Published Date: April 22, 2026 11:43 am IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बटन पर इत्र या गोंद लगाने जैसी हरकतों को ‘छेड़छाड़’ माना जाएगा, जो एक चुनावी अपराध है।

यह टिप्पणी उन दावों के बीच आई है जिनमें कहा गया था कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता यह जानने के लिए ईवीएम बटन पर इत्र लगाते हैं कि वोट उनके पक्ष में पड़ा है या नहीं।

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी को ऐसी कोई ‘शरारत’ दिखती है, तो उसे सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करना होगा।

आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “आयोग आपराधिक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा और पुनर्मतदान का आदेश भी दे सकता है।”

अधिकारियों ने कहा कि सभी बूथों के पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ईवीएम पर सभी प्रत्याशियों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें और किसी भी बटन पर टेप, गोंद या अन्य सामग्री न लगी हो।

उन्होंने जोर देकर कहा, “मतपत्र इकाई के प्रत्याशी बटन पर कोई रंग, स्याही, इत्र या अन्य रसायन नहीं लगाया जा सकता, जिससे मतदान की गोपनीयता भंग हो।”

अधिकारियों के अनुसार, यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो पीठासीन अधिकारी तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करेगा।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी मामले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ या हस्तक्षेप की श्रेणी में आएंगे, जो एक चुनावी अपराध है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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