लगभग 4,000 श्रद्धालु वार्षिक दो दिवसीय उत्सव में भाग लेने के लिए कच्चातीवु द्वीप के लिए रवाना हुए
लगभग 4,000 श्रद्धालु वार्षिक दो दिवसीय उत्सव में भाग लेने के लिए कच्चातीवु द्वीप के लिए रवाना हुए
रामेश्वरम (तमिलनाडु), 27 फरवरी (भाषा) कच्चातीवु द्वीप पर वार्षिक दो दिवसीय उत्सव में हिस्सा लेने के लिए लगभग 4,000 भारतीय श्रद्धालु शुक्रवार को रवाना हुए। उत्सव आधिकारिक रूप से सेंट एंटनी गिरजाघर में शाम चार बजे शुरू होगा।
यह उत्सव भारत और श्रीलंका के बीच साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतीक है।
श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रामनाथपुरम के जिलाधिकारी सिमरनजीत सिंह कहलों ने सुबह लगभग छह बजे रामेश्वरम में एक बंदरगाह से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 3,996 पंजीकृत श्रद्धालुओं में 3,033 पुरुष, 726 महिलाएं और 150 बच्चे शामिल हैं। 118 नौकाओं के बेड़े में सवार होकर ये श्रद्धालु पाक जलडमरूमध्य को पार कर कच्चातीवु द्वीप पहुंचेंगे।
सूत्रों ने बताया कि आधिकारिक रूप से पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। इसके बाद ‘वे ऑफ द क्रॉस’ जुलूस निकाला जाएगी और देर रात रथ यात्रा निकलेगी, जिसमें श्रीलंका नौसेना के जवान संरक्षक संत की प्रतिमा को लेकर मंदिर के चारों ओर परिक्रमा करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारतीय तटरक्षक बल एवं सीमा शुल्क विभाग रामेश्वरम घाट पर त्रिस्तरीय सत्यापन प्रक्रिया संचालित कर रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं को अपना आधार कार्ड और पुलिस द्वारा जारी अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रस्तुत करना आवश्यक है।
अधिकारियों ने प्लास्टिक की वस्तुओं, शराब और अत्यधिक आभूषणों को ले जाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सभी नौकाओं में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद हैं और तटरक्षक बल के ‘होवरक्राफ्ट’ द्वारा उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) तक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
भाषा सुरभि वैभव
वैभव

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