अरुणाचल: जबरन धर्मांतरण कानून के मसौदा नियमों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने सिफारिशें पेश कीं

अरुणाचल: जबरन धर्मांतरण कानून के मसौदा नियमों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने सिफारिशें पेश कीं

अरुणाचल: जबरन धर्मांतरण कानून के मसौदा नियमों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने सिफारिशें पेश कीं
Modified Date: June 8, 2026 / 08:51 pm IST
Published Date: June 8, 2026 8:51 pm IST

ईटानगर, आठ जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने से संबंधित कानून के मसौदा नियमों की समीक्षा के लिए गठित एक समिति ने सोमवार को राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप दीं। राज्य में 48 साल पहले यह कानून लागू हुआ था।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बृजेन्द्र प्रसाद कटके और अन्य सदस्यों को उनके कार्य, प्रतिबद्धता व समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।

अरुणाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (एपीएफआरए) में बलपूर्वक, धोखाधड़ी के जरिये या लालच के माध्यम से कराए गए धर्म परिवर्तन पर प्रतिबंध है। यह 1978 में लागू किया गया था, लेकिन इसके नियम अभी तक तैयार नहीं किए गए थे।

इस मुद्दे को उस समय अधिक महत्व मिला, जब गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने इस अधिनियम के तहत नियम बनाने के संबंध में निर्देश दिए।

समिति को कानून के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों की समीक्षा करने और सरकार को सिफारिशें सौंपने के लिए कहा गया था।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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