पूर्वोत्तर के विकास इंजन के रूप में उभर रहा अरुणाचल: उत्तर पूर्वी परिषद की बैठक में खांडू

पूर्वोत्तर के विकास इंजन के रूप में उभर रहा अरुणाचल: उत्तर पूर्वी परिषद की बैठक में खांडू

पूर्वोत्तर के विकास इंजन के रूप में उभर रहा अरुणाचल: उत्तर पूर्वी परिषद की बैठक में खांडू
Modified Date: June 4, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:37 pm IST

ईटानगर, चार जून, (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है और उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे अब एक दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि यह तेजी से पूर्वोत्तर के एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शिलांग में आयोजित उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्णाधिवेशन को संबोधित करते हुए खांडू ने बुनियादी ढांचे, पर्यटन, कृषि, उद्यमिता और जलविद्युत में बड़े पैमाने पर निवेश के कारण सीमावर्ती राज्य में हो रहे परिवर्तन पर प्रकाश डाला।

पूर्ण सत्र में भाग लेने के बाद खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश पहले से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है।’

विकास की गति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सड़कों से लेकर हवाई अड्डों तक, पर्यटन से लेकर स्टार्टअप तक, कृषि से लेकर जलविद्युत तक उल्लेखनीय प्रगति देख रहा है और ये क्षेत्र अभूतपूर्व वृद्धि और निवेश को आकर्षित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के आर्थिक परिवर्तन में अरुणाचल प्रदेश की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, ‘जिसे कभी सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में देखा जाता था, वह आज पूर्वोत्तर के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।’

खांडू ने अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर दोनों के भविष्य की संभावनाओं के बारे में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अपने विकास यात्रा में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘अरुणाचल और पूर्वोत्तर के सामने पहले कभी इतने अधिक अवसर नहीं रहे।’

उत्तर पूर्वी परिषद के 73वें पूर्ण सत्र में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने और अंतर-राज्यीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक साथ आए।

इस बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और इसके राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और अन्य वरिष्ठ नीति निर्माता भी उपस्थित थे।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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