पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के साथ भारत ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता जताई

पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के साथ भारत ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता जताई

पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के साथ भारत ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता जताई
Modified Date: March 3, 2026 / 08:41 pm IST
Published Date: March 3, 2026 8:41 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ भारत ने मंगलवार को इस क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीय नागरिकों के हितों पर जोर दिया और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले परिणामों को लेकर चिंता व्यक्त की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओमान, कुवैत और कतर के नेताओं के साथ इस नाजुक स्थिति पर चर्चा की।

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अपने दूसरे बयान में, भारत ने यह उल्लेख करते हुए एक बार फिर संघर्ष को समाप्त करने के लिए ‘‘संवाद और कूटनीति’’ का आह्वान किया कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा एवं स्थिरता में नयी दिल्ली के महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं और वर्तमान घटनाक्रम ‘‘गहरी चिंता’’ पैदा करते हैं।

भारत ने कहा कि वह बदलती हुई स्थिति पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगा और राष्ट्रीय हित में उचित निर्णय लेगा। इसने यह भी कहा कि वह क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में हमने न केवल संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि देखी है, बल्कि इसका अन्य देशों में भी प्रसार हुआ है। विनाश और मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है, और सामान्य जीवन एवं आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।’’

इसने कहा, ‘‘क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में, ये घटनाक्रम बहुत चिंता पैदा करते हैं।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा एवं कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम किसी भी ऐसे घटनाक्रम के प्रति उदासीन नहीं रह सकते, जो उन्हें नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो।’’

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमले के जवाब में ईरान कई खाड़ी देशों पर बमबारी जारी रखे हुए है।

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर नए हमले भी किए हैं।

अपनी आक्रामक रणनीति के तहत, ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के जहाजरानी मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आ गया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमारी व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं भी इसी भौगोलिक क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।’’

होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की कुल तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। भारत के तेल आयात का लगभग 50 प्रतिशत, यानी लगभग 26 लाख बैरल प्रतिदिन, इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।

ईरान ने मुख्य रूप से इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन तथा सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमलों की झड़ी लगा दी है।

तेहरान द्वारा रविवार को यह घोषणा किए जाने के बाद कि उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई है, ईरान की जवाबी कार्रवाई तेज हो गई।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘एक ऐसे देश के रूप में, जिसके नागरिक वैश्विक कार्यबल में प्रमुख स्थान रखते हैं, भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का भी कड़ा विरोध करता है।’’

इसने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिक या तो अपनी जान गंवा चुके हैं या लापता हैं।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, भारत संवाद और कूटनीति के लिए अपने आह्वान को दृढ़ता से दोहराता है। हम संघर्ष के शीघ्र अंत के पक्ष में स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाते हैं। पहले ही कई जानें जा चुकी हैं और हम इस संबंध में अपना दुख व्यक्त करते हैं।’’

ऐसा माना जाता है कि ओमान के तट से दूर समुद्र में दो व्यापारिक जहाजों पर ईरानी हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिक मारे गए।

मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा नियमित रूप से परामर्श जारी कर रहे हैं।

इसने कहा, ‘‘उन्होंने संघर्ष में फंसे लोगों को हरसंभव सहायता भी प्रदान की है। दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस संघर्ष के विभिन्न पहलुओं को सुलझाने में सक्रिय रूप से काम करते रहेंगे।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम इस क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों के साथ चर्चा की है।’’

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत खाड़ी देश के साथ ‘‘दृढ़तापूर्वक’’ खड़ा है और उसकी ‘‘संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता’’ के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हमने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। मैंने इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में भारतीय समुदाय के प्रति उनके निरंतर समर्थन और देखभाल के लिए अपनी ओर से सराहना भी व्यक्त की।’’

मोदी ने कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ फोन पर हुई अपनी बातचीत को ‘‘सार्थक’’ बताया और उन्हें यह संदेश दिया कि भारत कुवैत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘हमने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की बहाली में संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कुवैती नेतृत्व के निरंतर समर्थन की सराहना की।’’

मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ फोन पर हुई बातचीत में भारतीय समुदाय को ओमान द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन की ‘‘भरपूर सराहना’’ की।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क आवश्यक है।’’

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए जाने के कुछ घंटों बाद भारत ने 28 फरवरी को पहला बयान जारी किया था।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमने 28 फरवरी को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उस समय भी, भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।’’

इसने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, रमजान के पवित्र महीने में, इस क्षेत्र में स्थिति लगातार और काफी बिगड़ रही है।’’

रविवार से, मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के युवराज एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान तथा बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ फोन पर बातचीत की है।

भाषा

नेत्रपाल माधव

माधव


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