असम मंत्रिमंडल ने मुस्लिम विवाहों के अनिवार्य पंजीकरण के नियमों को मंजूरी दी
असम मंत्रिमंडल ने मुस्लिम विवाहों के अनिवार्य पंजीकरण के नियमों को मंजूरी दी
(तस्वीर सहित)
गुवाहाटी, 24 सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि असम मंत्रिमंडल ने राज्य में मुस्लिम विवाहों के अनिवार्य पंजीकरण के नियमों को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल ने महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्यों को 31 मार्च, 2027 तक आधार नामांकन पूरा करने के लिए एक बार की छूट देने का भी फैसला किया।
मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने कहा, ‘राज्यभर में अनिवार्य पंजीकरण के लिए एक समान प्रक्रियागत ढांचा स्थापित करने के लिए ‘असम मुस्लिम विवाह पंजीकरण (अनिवार्य) नियम, 2026′ को मंजूरी दे दी गई है।’
उन्होंने बताया कि ये नियम असम अनिवार्य मुस्लिम विवाह एवं तलाक पंजीकरण अधिनियम, 2024 की धारा 25 के तहत बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार के फैसले के तहत ‘काजियों’ को मुस्लिम विवाहों के पंजीकरण से रोक दिया गया था, लेकिन पंजीकरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘अब से मुस्लिम विवाहों का पंजीकरण ‘रजिस्ट्रार’ (पंजीयक) करेंगे। अगर आवेदनों की संख्या अधिक होती है तो कुछ पंचायत स्तर के अधिकारियों को विवाह पंजीकरण के लिए अधिकृत किया जा सकता है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।’
शर्मा ने कहा कि कैबिनेट ने महिला एसएचजी सदस्यों को 31 मार्च, 2027 तक आधार नामांकन पूरा करने के लिए एक बार की छूट देने को भी मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, ‘हमने पहले 16 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए नए आधार नामांकन को रोकने का फैसला किया था। लेकिन कुछ महिला एसएचजी को बैंक ऋण नहीं मिल पा रहा है क्योंकि सभी सदस्यों के पास आधार कार्ड नहीं हैं। उनकी सुविधा के लिए यह छूट दी गई है। हालांकि, इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।’
मंत्रिमंडल ने 796.88 करोड़ रुपये की लागत वाली असम टिकाऊ आर्द्रभूमि एवं एकीकृत मत्स्य रूपांतरण (स्विफ्ट) परियोजना के कार्यान्वयन को भी मंजूरी दी।
परियोजना की कुल लागत में से एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का ऋण 637.504 करोड़ रुपये होगा, जबकि राज्य सरकार 159.376 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
शर्मा ने कहा कि इसके माध्यम से मत्स्य कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने कामरूप जिले में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम विभाग को हाजो के निज-गोंधमो में 504 बीघा जमीन देने को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने श्रीभूमि जिले के प्रतापगढ़ में कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए 256 बीघा सरकारी जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दी।
सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को अक्टूबर महीने के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से रियायती चीनी उपलब्ध कराने का फैसला किया।
शर्मा ने कहा कि इससे लाभार्थियों को आगामी महीने में 100 रुपये में मसूर दाल और चीनी दोनों मिल सकेंगी।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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