असम ने लंबे समय तक अस्थिरता का सामना किया, बीते दशक में चीजें बदली हैं: प्रधानमंत्री मोदी

असम ने लंबे समय तक अस्थिरता का सामना किया, बीते दशक में चीजें बदली हैं: प्रधानमंत्री मोदी

असम ने लंबे समय तक अस्थिरता का सामना किया, बीते दशक में चीजें बदली हैं: प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: March 30, 2026 / 02:50 pm IST
Published Date: March 30, 2026 2:50 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि असम ने लंबे समय तक अस्थिरता का दौर देखा, लेकिन पिछले एक दशक में स्थिति बदली है क्योंकि भाजपा की डबल-इंजन सरकार ने राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया।

उन्होंने असम में ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम के तहत भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ सरकार ने 12 शांति समझौते किए हैं।

यह पहल चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीधे संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों को याद दिलाना चाहिए कि कांग्रेस “सिर्फ कागजों पर और सुर्खियां बनाने व लोगों को गुमराह करने के लिए समझौते करती थी।”

उन्होंने कहा, “हमने वह दौर देखा है जब असम हिंसा में जल रहा था। असम ने लंबे समय तक अस्थिरता झेली, लेकिन पिछले दशक में चीजें बदली हैं। आज हम एक नया आत्मविश्वास देख सकते हैं क्योंकि भाजपा की डबल-इंजन सरकार ने शांति के लिए हरसंभव प्रयास किया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में शांति समझौतों को नजरअंदाज किया गया और युवाओं को परेशानी झेलनी पड़ी, जिससे वे अशांति की ओर बढ़े।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासन के दौरान असम में उग्रवादी और छात्र संगठनों के साथ कोई भी समझौता सफल नहीं हुआ। कांग्रेस ने बोडो मुद्दे के साथ विश्वासघात किया।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने शांति स्थापित करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए काम किया है और शांति समझौतों को वास्तविक तौर पर ईमानदारी से लागू किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि असम में भाजपा-राजग की जीत की हैट्रिक के लिए वे सभी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं असम भाजपा के कार्यकर्ताओं का स्वागत करता हूं। मैं भी आप की तरह एक कार्यकर्ता हूं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, मैं उसे निभाता हूं। आज मुझे बूथ स्तर पर आपसे बात करने का अवसर मिला है। मैं जानता हूं कि आप सभी ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ के संकल्प से भरे हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को कांग्रेस सरकारों के “कुशासन” के बारे में याद दिलाने और उन्हें सतर्क करने की जरूरत है कि सबसे छोटी गलती भी राज्य को पीछे धकेल सकती है।

उन्होंने कहा, “किसी राज्य के विकास के लिए शांति सबसे जरूरी है।”

प्रधानमंत्री ने असम भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे राज्य में प्रसारित किए जा रहे एआई से बने वीडियो से लोगों को सावधान करें।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा। असम में 2016 से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार है। भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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