असम के विधायक अखिल गोगोई ने तीन जिलों की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की

असम के विधायक अखिल गोगोई ने तीन जिलों की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की

असम के विधायक अखिल गोगोई ने तीन जिलों की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की
Modified Date: August 17, 2026 / 01:56 pm IST
Published Date: August 17, 2026 1:56 pm IST

गुवाहाटी, 17 अगस्त (भाषा) असम के विधायक अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में हाल में आई भीषण बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार और कारोबारी प्रतिष्ठान को 10 लाख रुपये की सहायता देने का आग्रह किया है।

शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से रायजोर दल के विधायक गोगोई ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए 22 सूत्री मांगपत्र सौंपा।

विधायक ने 19 जुलाई को आई बाढ़ के कारणों की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की।

उन्होंने विशेष रूप से असम-नगालैंड सीमा क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन और राजनीतिक संरक्षण में दिक्खो नदी के तल में कथित अवैध बालू एवं पत्थर खनन की जांच कराने का आग्रह किया।

गोगोई ने कहा कि यह आपदा न केवल लोगों की जान और कृषि भूमि के लिए खतरा है, बल्कि असम की सभ्यतागत विरासत के लिए भी खतरा पैदा करती है इसलिए तीनों जिलों में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए।

उन्होंने शिवसागर और नाजिरा के दो सबसे अधिक प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष ‘पुनर्निर्माण पैकेज’ की भी मांग की।

उन्होंने प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि असम सरकार द्वारा घोषित 15,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता उन सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को भी दी जाए, जो किसी त्रुटि या चूक के कारण पहले इससे वंचित रह गए थे।

विधायक ने तीनों जिलों में प्रभावित खेतों की सिंचाई और प्रत्येक किसान को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग के माध्यम से आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करें कि नाजिरा के नेपालिखुटी गांव में जिन परिवारों ने बाढ़ में अपने घर खो दिए हैं, उन्हें वैकल्पिक भूमि और पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही तीनों प्रभावित जिलों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराए जाएं।

गोगोई ने आग्रह किया कि तीनों जिलों में नदी तटबंधों को ऊंचा और मजबूत किया जाए, क्षतिग्रस्त तटबंधों का पुनर्निर्माण किया जाए तथा नदियों के पानी की निकासी के लिए रणनीतिक स्थानों पर आधुनिक गेट बनाए जाएं।

गोगोई ने प्रधानमंत्री से क्षतिग्रस्त शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत, जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने की अपील की।

रायजोर दल के विधायक की मांगों में क्षतिग्रस्त मत्स्य पालन केंद्रों, छोटे चाय उत्पादकों, अगरवुड की खेती करने वालों, युवाओं द्वारा संचालित सुअर पालन, मुर्गी पालन और बत्तख पालन केंद्रों, बकरी फार्म, पौधशालाओं, कृषि फार्मों तथा स्थानीय हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों को उपकरणों और सामान के नुकसान के लिए व्यापक वित्तीय मुआवजा देना भी शामिल है।

सोमवार को मीडिया को जारी अपने पत्र में गोगोई ने आग्रह किया कि सरकारी, निजी और अर्ध-निजी स्कूलों के सभी प्रभावित छात्रों को मुफ्त किताबें और वर्दी उपलब्ध कराई जाए तथा प्राथमिक से लेकर डिग्री स्तर तक के दाखिला शुल्क को माफ किया जाए।

उन्होंने कहा कि जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार को बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में हर तीसरे दिन मोबाइल चिकित्सा इकाइयां भेजनी चाहिए।

गोगोई ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ ने लोगों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है और प्रभावित जिलों के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की सहायता की आवश्यकता है।

राज्य में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 104 लोगों की मौत हो चुकी है।

भाषा राखी मनीषा

मनीषा


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