असम चुनाव: चार मई को मतगणना के लिए लगभग 8,500 अधिकारियों को तैनात किया जाएगा
असम चुनाव: चार मई को मतगणना के लिए लगभग 8,500 अधिकारियों को तैनात किया जाएगा
गुवाहाटी, 29 अप्रैल (भाषा) असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने बुधवार को बताया कि असम विधानसभा के 126 क्षेत्रों के लिए चार मई को मतगणना हेतु लगभग 8,500 अधिकारी तैनात किए जाएंगे।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
गोयल ने कहा, “असम के 35 जिलों में 40 मतगणना केंद्र होंगे। अधिकतर जिलों में एक ही केंद्र होगा जिसमें उनके अधिकार क्षेत्र के सभी निर्वाचन क्षेत्र शामिल होंगे।”
उन्होंने बताया कि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो मतगणना केंद्र होंगे, जबकि नगांव में तीन मतगणना केंद्र होंगे।
गोयल ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग ने 126 मतगणना पर्यवेक्षकों को तैनात किया है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य के बाहर से आएंगे। हमारे पास 2,348 सूक्ष्म पर्यवेक्षक भी होंगे, जो केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं।’
उन्होंने बताया कि मुख्य मतगणना कार्य के लिए कुल 5,981 लोगों को मतगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिनमें से अधिकांश राज्य सरकार के कर्मचारी हैं।
असम के 251 करोड़ मतदाताओं में से रिकॉर्ड 85.96 प्रतिशत ने नौ अप्रैल को 126 सीटों पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह राज्य के इतिहास में सबसे अधिक मतदान था, जिसने 2016 में दर्ज किए गए 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में गोयल ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 25 कंपनियों को राज्य भर में तैनात किया गया है ताकि ‘स्ट्रांग रूम’ की सुरक्षा की जा सके और वे मतगणना केंद्रों पर भी तैनात रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, हमने स्ट्रांग रूम के बाहर दूसरे घेरे के रूप में राज्य सशस्त्र पुलिस की 13 कंपनियों को तैनात किया है। हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है।’
उन्होंने कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा ‘स्ट्रांग रूम’ में सुरक्षा चूक के आरोपों का खंडन किया।
मतगणना के दिन, ईवीएम को स्ट्रांग रूम से मतगणना केंद्रों तक ले जाने के लिए 800 अतिरिक्त निहत्थे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
गोयल ने कहा, “सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियां स्थायी ड्यूटी पर रहेंगी, जबकि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियां पहले ही जिलों में तैनात की जा चुकी हैं। मतगणना के दिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 85 असॉल्ट ग्रुप (एजी) भी मौजूद रहेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि 15 मार्च से 27 अप्रैल तक विभिन्न एजेंसियों ने राज्य भर में शराब और नकदी सहित 114.43 करोड़ रुपये की विभिन्न वस्तुएं जब्त की हैं।
असम विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को 31,490 मतदान केंद्रों पर एक ही चरण में हुआ।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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