असम: सोनोवाल ने भारत के पहले नदी प्रकाशस्तंभों की नींव रखी

असम: सोनोवाल ने भारत के पहले नदी प्रकाशस्तंभों की नींव रखी

असम: सोनोवाल ने भारत के पहले नदी प्रकाशस्तंभों की नींव रखी
Modified Date: March 5, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: March 5, 2026 6:55 pm IST

गुवाहाटी, पांच मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे चार प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी। यह देश में अंतर्देशीय जलमार्ग पर इस प्रकार की पहली अवसंरचना है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री ने नदी के दक्षिणी तट पर डिब्रूगढ़ जिले के बोगीबील, कामरूप महानगरपालिका के पांडू और नागांव जिले के सिलघाट तथा उत्तरी तट पर बिश्वनाथ घाट पर जलस्तंभों की नींव रखी।

सोनोवाल ने यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ये चार जलस्तंभ ब्रह्मपुत्र नदी के रणनीतिक बिंदुओं पर स्थित हैं।

ब्रह्मपुत्र राष्ट्रीय जलमार्ग-दो है और भारत के सबसे महत्वपूर्ण अंतर्देशीय माल एवं यात्री गलियारों में से एक है।

एक बयान के मुताबिक, चार प्रकाशस्तंभ वाली इस परियोजना की कुल लागत 84 करोड़ रुपये होगी। प्रत्येक प्रकाशस्तंभ 20 मीटर ऊंचा होगा, जिसकी भौगोलिक सीमा 14 समुद्री मील और प्रकाशीय सीमा 8-10 समुद्री मील होगी। यह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा।

मंत्री ने कहा कि नौवहन अवसंरचना के साथ-साथ, प्रत्येक स्थल पर एक संग्रहालय, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, बच्चों के खेलने की जगह, सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान होंगे, जो प्रत्येक प्रकाशस्तंभ को एक पर्यटन स्थल के साथ-साथ एक उपयोगी समुद्री संपत्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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