बेहबल कलां पुलिस गोलीबारी मामला : एसआईटी के समक्ष पेश हुए शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल

बेहबल कलां पुलिस गोलीबारी मामला : एसआईटी के समक्ष पेश हुए शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल

बेहबल कलां पुलिस गोलीबारी मामला : एसआईटी के समक्ष पेश हुए शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल
Modified Date: July 20, 2026 / 01:43 pm IST
Published Date: July 20, 2026 1:43 pm IST

चंडीगढ़, 20 जुलाई (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल सोमवार को पंजाब में 2015 में हुए बेहबल कलां पुलिस गोलीबारी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश हुए।

बादल को उप पुलिस महानिरीक्षक (बठिंडा रेंज) हरजीत सिंह के नेतृत्व वाली एसआईटी ने सेक्टर-32 स्थित पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (पीपीओआई) में पेश होने के लिए तलब किया था।

बादल के पहुंचने से पहले पीपीओआई के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने आयोजन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर अवरोधक लगा दिए थे, जहां पूर्व विधायक एन. के. शर्मा समेत शिअद नेताओं और पार्टी समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ था।

बादल जब सेक्टर-नौ स्थित अपने आवास से पीपीओआई के लिए रवाना हुए तो उनके साथ पार्टी नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और बलविंदर सिंह भुंदर भी मौजूद थे।

स्थल के पास एकत्र हुए अकाली समर्थकों ने शिअद प्रमुख के समर्थन में नारेबाजी की।

एसआईटी के समक्ष पेश होने से पहले मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में बादल ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अकाली दल से ‘डरी हुई’ है और इसलिए नाटक कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष से बेअदबी मुद्दे को लेकर केवल राजनीति की जा रही है और अब तक न्याय नहीं हो पाया है।

फरीदकोट में वर्ष 2015 में बुर्ज जवाहर सिंह वाला गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की प्रति चोरी होने, बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में हाथ से लिखे बेअदबी वाले पोस्टर लगाए जाने तथा बरगाड़ी में पवित्र ग्रंथ के फटे हुए पन्ने बिखरे मिलने जैसी घटनाएं हुई थीं।

इन घटनाओं के बाद अक्टूबर 2015 में फरीदकोट में बेअदबी के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में बेहबल कलां में दो लोगों—गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि फरीदकोट के कोटकपूरा में कुछ लोग घायल हुए थे।

उस समय पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी। दिवंगत प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे, जबकि उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ गृह विभाग भी संभाल रहे थे।

भाषा तान्या माधव

माधव


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