बेलगावी: 2,900 ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़

बेलगावी: 2,900 'म्यूल' बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़

बेलगावी: 2,900 ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़
Modified Date: March 10, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: March 10, 2026 10:25 pm IST

बेलगावी (कर्नाटक), 10 मार्च (भाषा) पुलिस ने करीब 2,900 ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

‘म्यूल’ बैंक खाते वे खाते होते हैं जिनका धोखाधड़ी वाली रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर जालसाज आसानी से ‘कमीशन’ अर्जित करने का लालच देकर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। कई मामलों में भोले-भाले लोगों को उनके बैंक खाते की जानकारी साझा करने या कई खाते खोलने के लिए राजी किया जाता है, जिनका इस्तेमाल जालसाज अवैध रूप से प्राप्त धन के लेन-देन के लिए करते हैं।

बेलगावी के पुलिस आयुक्त भूषण बोरासे ने बताया कि इस गिरोह के संबंध में ‘साइबर, इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स’ (सीईएन) थाने में चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी अज्ञात स्थानों से काम करते हैं और भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त धन के लेन-देन में करते हैं।

बोरासे ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘जालसाज लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनके खातों के माध्यम से अंतरित धनराशि के आधार पर उन्हें कमीशन मिलेगा। हालांकि, खाते सौंपे जाने के बाद उनका उपयोग ‘म्यूल’ खातों के रूप में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त बड़ी रकम को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।’

पुलिस के अनुसार ऐसे ही एक मामले में बेलगावी के एक युवक ने कथित तौर पर नौ बैंक खाते खुलवाकर कमीशन के बदले उन्हें साइबर अपराधियों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि इन खातों के जरिए करीब 80 लाख रुपये का अवैध लेन-देन किया गया।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आसानी से कमीशन या ऑनलाइन काम के अवसरों का वादा करने वाले संदिग्ध प्रस्तावों की सूचना तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन को दें।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश


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