बंगाल : गोदाम ढहने के मामले में फिरहाद हकीम और पूर्व पार्षदों के खिलाफ शिकायत दर्ज

बंगाल : गोदाम ढहने के मामले में फिरहाद हकीम और पूर्व पार्षदों के खिलाफ शिकायत दर्ज

बंगाल : गोदाम ढहने के मामले में फिरहाद हकीम और पूर्व पार्षदों के खिलाफ शिकायत दर्ज
Modified Date: June 27, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: June 27, 2026 3:26 pm IST

कोलकाता, 27 जून (भाषा) भारतीय जनता मजदूर सेल (बीजेएमसी) ने कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम और पूर्व पार्षदों अनवर खान तथा शम्स इकबाल के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गयी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी के मुताबिक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शहर में हाल ही में अवैध निर्माणों को अनुमति देने में उनकी भूमिका थी, जिसके कारण इमारत और गोदाम ढहने की घटनाएं हुईं।

अधिकारी ने बताया कि बीजेएमसी (दक्षिण कोलकाता जिला) द्वारा यह शिकायत बृहस्पतिवार को तारातला थाने में दर्ज कराई गई। यह कदम तारातला के ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक गोदाम ढहने की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है।

मजदूर प्रकोष्ठ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कोलकाता बंदरगाह क्षेत्र में इमारत और गोदाम ढहने की बार-बार होने वाली घटनाएं अनधिकृत निर्माण, घोर लापरवाही और संभावित आपराधिक साजिश का परिणाम हैं।

शिकायत में हकीम और क्रमशः वार्ड नंबर 80 और 134 के पूर्व पार्षदों अनवर खान और शम्स इकबाल की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने इस मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने, कथित अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान करने और कानून के मुताबिक तीनों व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्षेत्र में इसी तरह के अन्य असुरक्षित ढांचों का निरीक्षण करने का भी आग्रह किया गया है।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है, लेकिन कहा कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमें लिखित शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है। याचिका में लगाए गए आरोपों को स्थापित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सत्यापित किया जाएगा। जांच के आधार पर यदि आवश्यक हुआ, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि स्वतः ही प्राथमिकी दर्ज हो जाए। पुलिस फैसला लेने से पहले याचिका की सामग्री की बारीकी से जांच कर रही है।

इस शिकायत की प्रतियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

बीजेएमसी की दक्षिण कोलकाता जिला इकाई के अध्यक्ष और शिकायतकर्ता एम बी महेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अवैध और असुरक्षित निर्माणों के कारण मासूम लोगों की बार-बार जाने वाली जान को महज एक दुर्घटना नहीं माना जा सकता। हमने प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि ऐसे ढांचों को अनुमति देने वाले सभी लोगों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।’’

बुधवार को गोदाम ढहने की घटना में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 17 घायलों का राज्य संचालित एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार चल रहा है। विभिन्न एजेंसियों के बचावकर्मी अब भी घटनास्थल पर तलाश अभियान चला रहे हैं।

मामले में निर्माण कार्य से सीधे जुड़े पांच लोगों तथा हकीम के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) कालीचरण बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है।

राज्य सरकार के आदेश पर कोलकाता पुलिस ने इस दुर्घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

भाषा रवि कांत गोला

गोला


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