बंगाल सरकार अन्नपूर्णा योजना के लिए 27 फरवरी से फॉर्म जारी करेगी: शुभेंदु
बंगाल सरकार अन्नपूर्णा योजना के लिए 27 फरवरी से फॉर्म जारी करेगी: शुभेंदु
कोलकाता, 26 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार 27 मई से अन्नपूर्णा योजना के लिए फॉर्म जारी करना शुरू करेगी जिसके तहत महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा लक्ष्मी भंडार योजना तब तक जारी रहेगी जब तक कि नयी योजना पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती।
कल्याणी में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक (जिसमें नदिया, हुगली और उत्तर 24 परगना जिलों के अधिकारी उपस्थित थे) के बाद अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया बुधवार से औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार हम स्वास्थ्य साथी योजना को आयुष्मान भारत में परिवर्तित होने तक जारी रख रहे हैं, उसी प्रकार अन्नपूर्णा योजना के पूरी तरह लागू होने तक लक्ष्मी भंडार योजना जारी रहेगी। कल से अन्नपूर्णा योजना की प्रक्रिया शुरू हो रही है।’’
अधिकारी ने कहा कि योजना के फॉर्म नबन्ना से जारी किए जाएंगे और ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मंत्री अग्निमित्रा पॉल के साथ कल मुख्य सचिव और गृह सचिव की उपस्थिति में नबन्ना से ‘अन्नपूर्णा योजना’ का फॉर्म जारी करूंगा। विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि नामांकन और सत्यापन के तुरंत बाद लाभार्थियों को भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा। अधिकारी ने कहा,‘‘जैसे ही फॉर्म भरे जाएंगे, लाभार्थियों के खातों में 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। लोग जितनी जल्दी पंजीकरण पूरा करेंगे, उतनी ही जल्दी उन्हें लाभ मिलेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक और जिलाधिकारी महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहायता करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को पूरी तरह से उनके हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा। विधायक लाभार्थियों को फॉर्म भरने में मदद करेंगे, जबकि प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में टीमें घर-घर जाकर आवेदकों की सहायता करेंगी।’’
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना के लिए केवल भारतीय नागरिक ही पात्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ध्यान रखें कि यह अवसर केवल भारतीयों को ही मिलेगा। भारत का पैसा बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों के लिए नहीं है। यह बात अब बिल्कुल स्पष्ट हो चुकी है।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य के आयुष विभाग के पुनर्गठन की भी घोषणा की और कहा कि इसे स्वास्थ्य विभाग से अलग करके एक स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था के तहत रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सैद्धांतिक रूप से निर्णय ले लिया है। मैं इसे मंत्रिमंडल में अनुमोदन के लिए रखूंगा। हम आयुष विभाग को स्वास्थ्य विभाग से अलग कर रहे हैं और इस विभाग के लिए एक कुशल और सक्षम अधिकारी की नियुक्ति करेंगे।’’
अधिकारी ने कहा कि कल्याणी बैठक में तीन प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जैसे प्रशासनिक समन्वय में सुधार, स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना और मानसून से पहले की तैयारियों में तेजी लाना।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल के उपलक्ष्य में जून में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की भी घोषणा की।
उन्होंने केंद्र सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पांच जून से 21 जून तक राज्य भर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पांच जून को सभी नगर निगम क्षेत्रों में माताओं के नाम पर वृक्षारोपण किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 15, 16 और 17 जून को राज्य भर में जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी बीडीओ, सीओ और आयुक्त विधायकों और सांसदों की उपस्थिति में इन शिविरों का संचालन करेंगे ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके।’’
अधिकारी ने कहा कि 21 जून को पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा।
राज्य में सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा पर अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही इस सुविधा के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए कार्ड प्रणाली शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल अगले सप्ताह से सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। लेकिन बाद में हम कार्ड प्रणाली शुरू करेंगे।’’ अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के पूर्व शासनकाल में मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल के पुरुषों को ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना का लाभ मिला था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर कोई बुर्काधारी महिला सिलीगुड़ी से दीघा जाने वाली एनबीएसटीसी बस में चढ़ती है, तो चालक या परिचालक के पास यह जांचने का कोई तरीका नहीं है कि वह महिला है या पुरुष। फिलहाल, हर महिला मुफ्त बस यात्रा की पात्र होगी, लेकिन बाद में हम कार्ड प्रणाली शुरू करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने लगभग 400 विशेष ‘मां’ कैंटीनों में सप्ताह में दो बार रियायती दर पर पांच रुपये में भोजन के रूप में मछली और चावल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 400 ‘मां’ कैंटीन हैं। हमने लोगों को सप्ताह में दो बार 5 रुपये में मछली और चावल का भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के शिकायत निवारण मंच ‘मुख्यमंत्री के बोलूं’ का नाम बदला जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगले सप्ताह से ‘मुख्यमंत्री के बोलूं’ (मुख्यमंत्री से कहें) बंद कर दिया जाएगा और इसका नाम बदलकर ‘अपनार सरकार के बोलूं’ (अपनी सरकार से कहें) कर दिया जाएगा। हमने राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य से नए नाम के लिए सुझाव मांगे थे और उन्होंने ही यह नाम प्रस्तावित किया है। मुख्यमंत्री के रूप में मैंने यह नाम स्वीकार कर लिया है। पुराना फोन नंबर भी बदल दिया जाएगा और इसकी विस्तृत जानकारी घोषणा के दिन साझा की जाएगी।’’
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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