बंगाल के स्थानीय निकाय चुनाव में हत्या से संबंधित याचिका पर जुलाई में सुनवायी करेगा न्यायालय
बंगाल के स्थानीय निकाय चुनाव में हत्या से संबंधित याचिका पर जुलाई में सुनवायी करेगा न्यायालय
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में 2018 के स्थानीय निकाय चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन कार्यकर्ताओं की कथित हत्या से संबंधित याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया से पूछा, ‘इस मामले में अब क्या बचा है?’ भाटिया ने 2018 में याचिका दायर की थी और वह मृतकों में से एक के भाई के भी वकील हैं।
भाटिया ने राज्य में परिस्थितियों में आए बदलाव का उल्लेख किया। पीठ ने टिप्पणी की, ‘क्या कोई बड़ा बदलाव आया है या फिर कोई व्यापक बदलाव?’
शुभेंदु अधिकारी ने नौ मई को पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीती जिससे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया।
सुनवाई के दौरान, भाटिया ने पीठ से अनुरोध किया कि याचिका की सुनवाई जुलाई में निर्धारित की जाए, ताकि वह आगे के निर्देश प्राप्त कर सकें।
पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘आपको यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए कि चीजें सही दिशा में आगे बढ़ें,’’ और याचिका की सुनवाई जुलाई में करना निर्धारित किया।
शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा था कि उन्होंने अपनी शिकायत के साथ कलकत्ता उच्च न्यायालय से संपर्क क्यों नहीं किया।
भाटिया ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में हुई तीन जघन्य हत्याओं को उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में लाया गया।
उन्होंने कहा था कि उस समय राज्य में 19 हत्याएं हुईं, जो राजनीतिक प्रकृति की थीं और पीड़ितों में से एक के भाई और परिवार के सदस्यों को कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
भाटिया ने कहा था कि इन 19 मामलों में पांच क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई थीं।
उन्होंने कहा था कि मृतक के भाई ने भी उच्चतम न्यायालय में एक आवेदन दायर किया है।
अगस्त 2018 में, उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय चुनाव के बाद राज्य में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित हत्या की सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका पर विचार करने पर सहमति जतायी थी।
यह भी आरोप लगाया गया था कि जान गंवाने वाले तीन भाजपा कार्यकर्ताओं शक्तिपाद सरकार, त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार के परिवार के सदस्यों को धमकियां मिल रही थीं।
जुलाई 2018 में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मंदिरबाजार-धनुरहाट क्षेत्र के भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष शक्तिपाद सरकार की घर लौटते समय बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
जून 2018 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बलरामपुर में भाजपा कार्यकर्ता 32 वर्षीय दुलाल कुमार का शव बिजली के खंभे से लटका हुआ मिला था। इसी जिले में मई 2018 में बलरामपुर के ही भाजपा कार्यकर्ता 18 वर्षीय त्रिलोचन महतो का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था।
भाषा अमित माधव
माधव

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