बंगाल: सिलिगुड़ी में डोल जात्रा के दौरान दिखी राजनीतिक सौहार्द की झलक, धूमधाम से मनाया गया त्योहार
बंगाल: सिलिगुड़ी में डोल जात्रा के दौरान दिखी राजनीतिक सौहार्द की झलक, धूमधाम से मनाया गया त्योहार
कोलकाता, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जारी राजनीतिक मतभेदों के बीच मंगलवार को सिलिगुड़ी में सौहार्द की एक झलक दिखी, जब टीएमसी के महापौर गौतम देव और भाजपा के विधायक शंकर घोष ने ‘डोल जात्रा’ के अवसर पर एक-दूसरे से मिलकर बधाई दी और ‘गुलाल’ लगाया।
यह रंगों का त्योहार डोल पूर्णिमा के दिन राज्य में धूमधाम से मनाया गया। देव ने कहा कि सिलिगुड़ी के निवासी सांस्कृतिक दृष्टिकोण से जागरूक, मानवतावादी और सौहार्दपूर्ण स्वाभाव के हैं।
देव ने सिलिगुड़ी के विधायक घोष को बधाई ने के बाद कहा, ‘सभी को इस जीवंत शहर में किसी भी प्रकार के भेदभाव के बिना सौहार्दपूर्ण तरीके से रहना चाहिए, हम एकजुट सिलिगुड़ी चाहते हैं।
भाजपा के विधायक घोष ने कहा कि वरिष्ठ नेता हों या युव छात्र व कार्यकर्ता राजनीति में सभी को यह समझना चाहिए कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों का प्रभाव मन पर नहीं पड़ना चाहिए।
घोष ने यह भी कहा कि राजनीतिक पार्टियों की विचारधाराएं या रास्ते अलग-अलग होते हैं, लेकिन रंगों का त्योहार सभी को एक साथ लाता है।
राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक मतभेद बढ़ते जा रहे हैं।
टीएमसी और भाजपा के नेताओं ने इस अवसर पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी किए। आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘ कानून व्यवस्था के अभाव’ के कारण महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं।
पॉल के जवाब में, टीएमसी की वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि होली हमेशा पश्चिम बंगाल में धार्मिक, राजनीतिक, भाषाई या अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर मनाई जाती रही है।
उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्यवश, भाजपा चुनावों से पहले बंगाल को बदनाम करने के लिए डोल जात्रा जैसे अवसर का इस्तेमाल कर रही है। सभी को भाजपा शासित राज्यों की स्थिति पता है, और सभी जानते हैं कि डबल-इंजन सरकारों में महिलाओं की सुरक्षा कैसी होती है।”
भाषा जोहेब माधव
माधव

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