बंगाल: निजी बस संचालकों ने वाहनों को कबाड़ में बदलने की नीति पर पुनर्विचार का आग्रह किया
बंगाल: निजी बस संचालकों ने वाहनों को कबाड़ में बदलने की नीति पर पुनर्विचार का आग्रह किया
कोलकाता, 31 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में निजी बस संचालकों ने सोमवार को राज्य सरकार और न्यायपालिका से 15 साल से अधिक पुराने वाणिज्यिक वाहनों को कबाड़ में बदलने की नीति पर फिर से विचार करने का आग्रह किया।
सरकार को दिए गए एक ज्ञापन में बस संचालकों के शीर्ष संगठन ‘ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट’ ने याद दिलाया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2009 में निर्देश दिया था कि एक अगस्त, 2009 से कोलकाता महानगर क्षेत्र में 15 साल से अधिक पुराने किसी भी वाणिज्यिक वाहन को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बस संचालकों ने सरकार और अदालत से आग्रह किया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले इस नीति के आर्थिक प्रभावों पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि हजारों बस मालिक और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं।
बनर्जी ने कहा कि वे परिवहन विभाग से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे पुराने वाहनों को कबाड़ में न बदला जाए, जिनसे निकलने वाला धुआं प्रदूषण की निर्धारित सीमा के भीतर है और जो तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि 15 साल की उम्र पूरी कर चुके इन वाहनों को भी शहर और कोलकाता महानगर क्षेत्र में सड़कों पर चलने की अनुमति दी जाए।
बस संचालकों ने 15 साल पुराने बसों को पूरी तरह कबाड़ में बदलने के बजाय उनके इंजन में बदलाव या उन्हें अपग्रेड करने तथा प्रदूषण के स्रोतों को सीधे लक्षित करने वाले उपाय लागू करने का प्रस्ताव दिया।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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