बंगाल धर्मांतरण-रोधी कड़ा कानून लाएगा, यूसीसी लागू करेगा : शुभेंदु

बंगाल धर्मांतरण-रोधी कड़ा कानून लाएगा, यूसीसी लागू करेगा : शुभेंदु

बंगाल धर्मांतरण-रोधी कड़ा कानून लाएगा, यूसीसी लागू करेगा : शुभेंदु
Modified Date: June 26, 2026 / 09:47 pm IST
Published Date: June 26, 2026 9:47 pm IST

कोलकाता, 26 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार धर्मांतरण के खिलाफ एक कड़ा कानून बनाएगी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के उपायों के तहत राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी।

‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के कारण धर्म परिवर्तन, ‘लव जिहाद’ और जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सीमा पर अवसंरचना के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराकर सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में ‘‘घुसपैठियों’’ की पहचान करने और उन्हें उनके मूल स्थान पर वापस भेजने के लिए ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग गैर-कानूनी तरीके से देश में घुसते हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, जिनसे भारत की संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।’’

शुभेंदु अधिकारी ने गैर-कानूनी प्रवासियों और नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के दायरे में आने वाले शरणार्थियों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हिंदू ‘‘घुसपैठिए नहीं’’ हैं और उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी ताकत को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान या राष्ट्रीय चरित्र को कमजोर नहीं करने देगी। उन्होंने राज्य को भारत की ‘‘सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी’’ बताया।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए, अधिकारी ने ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता को एक दूरदर्शी साहित्यकार, पत्रकार और प्रशासक बताया, जिनकी रचनाएं पीढ़ियों को प्रेरित करती रही हैं।

राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ को देश के लिए ‘संजीवनी मंत्र’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार बंकिम चंद्र की जयंती मनाने के लिए नैहाटी स्थित उनके पैतृक घर और कोलकाता में उनके आवास पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए।

दिन में बाद में, अधिकारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के कार्यालय का उद्घाटन किया।

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


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