भगवंत मान किसानों के वकील के रूप में काम कर रहे थे, इसलिए वार्ता विफल हुई : सुनील जाखड़
भगवंत मान किसानों के वकील के रूप में काम कर रहे थे, इसलिए वार्ता विफल हुई : सुनील जाखड़
चंडीगढ़ 20 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों की समस्याओं के हल को लेकर किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साझे प्रयासों को जोखिम में डाल दिया है।
जाखड़ की यह टिप्पणी किसानों के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मानने से इनकार करने और ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन को जारी रखने की घोषणा के एक दिन बाद आई है।
किसानों ने पांच साल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी एजेंसियों के माध्यम से दलहन, मक्का और कपास की फसल खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
राज्य में आम आदमी पार्टी सरकार का नेतृत्व करने वाले भगवंत मान रविवार को तीन केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच बैठक में शामिल हुए थे, जहां यह प्रस्ताव रखा गया था।
जाखड़ ने कहा कि यह ‘सबसे दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत सफल नहीं हुई है, जबकि हजारों किसान एमएसपी और कृषि ऋण माफी के लिए कानूनी गारंटी सहित अपनी मांगों को लेकर पंजाब-हरियाणा सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भगवंत मान के किसानों के वकील के रूप में काम करने से इन वार्ताओं का विफल होना तय था। उन्होंने कहा कि मान के पास इन वार्ताओं की विफलता से लाभ उठाने के लिए सब कुछ है।
सोमवार के घटनाक्रम पर, भाजपा नेता ने दावा किया कि अब वह (मान) न केवल केंद्र सरकार को बदनाम करने में सक्षम होंगे, बल्कि उन किसानों का रुख दिल्ली की ओर मोड़ देंगे, जो शुरू से चंडीगढ़ तक मार्च करना चाहते थे।
उन्होंने कहा मान समाधान तक पहुंचने के लिए किसानों और केंद्रीय मंत्रिस्तरीय टीम, दोनों के ईमानदार प्रयासों को खतरे में डालकर इस मिशन में सफल हुए हैं।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब को आश्चर्य है कि ऐसे व्यक्ति को किसानों का प्रतिनिधित्व करने का वकालतनामा (अधिकार) किसने दिया, जो न केवल अपनी सरकार बनने के पांच मिनट के भीतर एमएसपी प्रदान करने के अपने वादे से मुकर गया, बल्कि पंजाब के किसानों को बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे में भी धोखा दिया।
मान ने रविवार को कहा था कि उन्होंने किसानों के ‘वकील’ के रूप में बैठक में भाग लिया।
भाषा
योगेश सुरेश
सुरेश

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