बिरला के मन में खोट नहीं, उन्हें ‘पर्ची’ दी जाती है: सावंत

बिरला के मन में खोट नहीं, उन्हें ‘पर्ची’ दी जाती है: सावंत

बिरला के मन में खोट नहीं, उन्हें ‘पर्ची’ दी जाती है: सावंत
Modified Date: March 10, 2026 / 05:35 pm IST
Published Date: March 10, 2026 5:35 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत ने मंगलवार को लोकसभा में दावा किया कि अध्यक्ष ओम बिरला के मन में खोट नहीं है, लेकिन सरकार द्वारा उन पर ‘पर्ची’ के माध्यम से दबाव बनाया जाता है।

बिरला के खिलाफ विपक्ष के संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए सावंत ने यह भी कहा कि पहले की भाजपा दूसरी थी, जिसमें लोगों को सुना जाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यथित हूं…व्यक्तिगत रूप से बिरला जी के साथ अच्छे रिश्ते हैं…लेकिन आसन पर मेरी मर्जी नहीं, अधिकार चलेगा। उस अधिकार का हम सम्मान करते हैं।’’

दक्षिण मुंबई से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हमने सुमित्रा महाजन को देखा है। 2014 की भाजपा अलग थी। उस वक्त हम साथ थे। वह डांटती थीं, हमें भी डांटा है। उस डांट में प्यार था।’’

सावंत का कहना था, ‘‘हमे नहीं लगता कि बिरला साहब के मन में खोट है। हमने उनके चेहरे पर हंसी देखी है, खुशी देखी है, लेकिन कभी-कभी उनका चेहरा गिरा हुआ देखा है। उनके पास पर्ची आती है।’’

उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए तो लोकसभा अध्यक्ष को ‘पर्ची’ देकर कहलवाया गया कि उनके कहने पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए।

सावंत ने कहा कि सत्तापक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि ‘2जी’ के समय जब भाजपा विपक्ष में थी, तब पूरे सत्र में कार्यवाही नहीं चलने दी गई थी।

उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।’’

उनका कहना था, ‘‘हम चाहते हैं कि आप (सत्तापक्ष) बिरला साहब को मुक्त करिये, वह न्यायपूर्ण रहें।’’

सावंत ने कहा कि बिरला के प्रति व्यक्तिगत रूप से आदर है, लेकिन ऐसा काम होना चाहिए कि भविष्य में अविश्चास प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं पड़े।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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